तकनीकी सामंतवाद का खतरा: क्या अब देशों की सरकारों से भी ताकतवर हो रही हैं कॉरपोरेट कंपनियां?
जैसे-जैसे दुनिया अलग-अलग देशों के छोटे और संकरे गुटों में बंटती जा रही है, यह खतरा खड़ा हो गया है कि राज्य से परे कॉरपोरेट हित वैश्विक निर्णयों पर हावी होने लगेंगे। कई तरह के व्यवधानों के इस दौर में प्रौद्योगिकी पर संप्रभु नियंत्रण और ऐसी भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण का चलन है, जिन […]
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Editorial: बिना मंजूरी शुरू हुई परियोजनाओं को नहीं मिलेगी बैकडेट से पर्यावरण क्लीयरेंस
पर्यावरण संबंधी मंजूरी के बगैर ही काम शुरू कर चुकी परियोजनाओं को बाद में पिछली तारीख से मंजूरी देने वाले 2021 के एक कार्यालय ज्ञापन को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया है। अनुपालन व्यवस्था की श्रेष्ठता बहाल करने की दिशा में यह अहम कदम है। तीन न्यायाधीशों के पीठ ने कहा कि 2021 का […]
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कर्नाटक में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद 53 साल के कृष्ण बायरे गौड़ा को बेंगलूरु विकास मंत्री बनाया गया, जो इन दिनों काफी सक्रिय हैं। कुछ सप्ताह पहले वह राज्य के पशुपालन विभाग की एक टीम पर आपा खो बैठे क्योंकि बैठक में मौजूद 19 अधिकारी उन्हें […]
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बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत और धोखाधड़ी का काला खेल, जानें कैसे खाली हो रही है एफडी?
एक प्रवासी भारतीय (एनआरआई) ग्राहक दो वर्ष बाद जब अपनी बैंक शाखा पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि उनकी एक टर्म डिपॉजिट पर ‘लियन’ लगा था यानी उन्हें रकम निकालने या इधर-उधर करने की अनुमति नहीं थी। उन्हें यह देखकर काफी हैरानी हुई क्योंकि उन्होंने इस डिपॉजिट को गिरवी रखकर कर्ज नहीं लिया था बल्कि उन्होंने […]
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