Editorial: दुनियाभर में बढ़ी बॉन्ड यील्ड की चिंता, भारत पर भी बढ़ सकता है दबाव
विभिन्न देशों की बढ़ती बॉन्ड यील्ड वित्तीय बाजारों और नीति निर्माताओं, दोनों को चिंतित कर रही है। जापान में इस सप्ताह 10 वर्ष के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 3 फीसदी पहुंच गई जो 1996 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। बॉन्ड कीमतों और यील्ड में परस्पर विपरीत संबंध होता है। ब्रिटेन में कर्ज लेने […]
आगे पढ़े
माइक्रोफाइनैंस से बदली ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी, साहूकारों पर निर्भरता घटी
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की परिभाषा के अनुसार, माइक्रोफाइनैंस या सूक्ष्म वित्त वह ऋण वह होता है जो बिना किसी रेहन के उन परिवारों को दिया जाता है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक हो। परिवार से तात्पर्य एक इकाई से है- पति, पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे। माइक्रोफाइनैंस लोन लेने वाली आम तौर […]
आगे पढ़े
UPI पर MDR लगाने की जरूरत नहीं, मुफ्त डिजिटल भुगतान के फायदे ज्यादा
हाल में पारित कराधान एवं अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2026, का उद्देश्य यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) आधारित भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने की अनुमति देना है। लेकिन इसके पारित होने के बाद इस बात मतभेद है कि ऐसे भुगतान हमेशा निःशुल्क बने रहने चाहिए या नहीं। यह कानून फिलहाल केवल एक मददगार है […]
आगे पढ़े
Editorial: अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार के बीच बाहरी मोर्चे की चुनौती, क्यों जरूरी है विदेशी निवेश?
आधिकारिक आंकड़ों में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.8 फीसदी की मजबूत दर से बढ़ने की पुष्टि के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देशवासियों से विदेश में छुट्टियों पर जाने और गैर-जरूरी सोने की खरीद से बचने की अपील की। यह अपील एक तरह से भारत […]
आगे पढ़े