Editorial: नोएडा हिंसा के पीछे श्रम तनाव, वेतन असमानता और रोजगार संकट की गहरी परतें
हाल के दिनों में नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में फैली हिंसा को केवल कानून-व्यवस्था बिगड़ने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि यह भारत के श्रम बाजार में बढ़ते तनाव को दर्शाती है। उच्च पारिश्रमिक की मांग से शुरू हुआ यह मामला तेजी से बढ़ा, लेकिन असंतोष समय के साथ बढ़ता रहा है। इसके […]
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बाजार में गिरावट का मौजूदा दौर कितना खतरनाक?
बाजार में गिरावट के दौर दो तरह के होते है। एक दौर वह होता है जिसमें शुरुआत में तेज गिरावट आती है मगर बाद में बिकवाली की रफ्तार कुंद पड़ने लगती है। चार से पांच महीनों में सब कुछ ठीक हो जाता है। लगभग एक दशक से भारत और शेष दुनिया के बाजार इसी तरह […]
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हर किसी को पसंद है अच्छा GST, लेकिन सिस्टम की खामियां समझते हैं नेता
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) आज भारत की सफलता पर बोझ की मानिंद हो चुका है। जीएसटी जिस प्रकार काम करता है वह निवेश, निर्यात और उत्पादकता में बाधा डालता है। अमेरिका में संरक्षणवाद और ईरान में युद्ध के कारण उत्पन्न हुई नई आर्थिक तनाव की लहर का सामना करने के दौर में भारत में […]
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Editorial: बढ़ते सार्वजनिक कर्ज के बीच भारत के लिए आर्थिक चेतावनी
पश्चिम एशिया के संकट के हल का दुनिया बहुत उत्सुकता से इंतजार कर रही है। खबरें बताती हैं कि दोनों पक्ष बातचीत के लिए उत्सुक हैं। इसका असर वित्तीय बाजारों पर भी नजर आया है। अगर संकट जल्दी हल होता है तो विश्व अर्थव्यवस्था को बहुप्रतीक्षित स्थिरता मिलेगी और विभिन्न देश अपनी ढांचागत चुनौतियों से […]
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