Editorial: खनन कानून में बदलाव से कारोबार को राहत, लेकिन राज्यों के राजस्व और अधिकार पर सवाल
संसद ने खान एवं खनन (विकास एवं विनियमन) अधिनियम में जो संशोधन पारित किए हैं वे कारोबार के लिए एक पूर्वानुमानयोग्य और स्थिर माहौल मुहैया कराते हैं। हालांकि इस प्रक्रिया में राजकोषीय संघवाद कमजोर पड़ सकता है और राज्यों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। संशोधन राज्यों के कर या उपकर लगाने या खनिज अधिकारों […]
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भरोसेमंद, प्रशिक्षित और कभी-कभी खतरा: भारतीय बैंकों के भीतर छिपा जोखिम
जरूरी नहीं कि फर्जीवाड़ा करने वाला व्यक्ति बाहरी हो। अंदर का कोई व्यक्ति भी ऐसी वारदात को अंजाम दे सकता है। उसके पास बैंकिंग तंत्र में सेंध लगाने की चाबी (लॉगिन पासवर्ड), एक पद और संस्थान में काम करने का वर्षों का तजुर्बा होता है। कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (सीबीएस) प्रणाली आने के बाद हर शाखा […]
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अच्छी नीतियों के लिए बेहतर प्रक्रिया जरूरी, मोदी सरकार के सुधारों से मिले सबक
प्रभावी शासन सुनिश्चित करने के लिए केवल सही नीति ही काफी नहीं है, बल्कि उचित प्रक्रियाओं को अपनाना और उन्हें लागू करना भी जरूरी है। यह एक पुराना सिद्धांत है जिसकी कोई भी सरकार नीति निर्माण और नीतिगत क्रियान्वयन के दौरान अनदेखी नहीं कर सकती। पिछले कुछ सप्ताहों में इसकी प्रासंगिकता और भी स्पष्ट हो […]
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Editorial: टाटा संस में नेतृत्व बदलाव से सुधार की उम्मीद, लिस्टिंग से बढ़ सकती है जवाबदेही
टाटा ट्रस्ट्स के साथ महीनों से चल रहे तनाव के बाद टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन का पद छोड़ना समूह की विवादित रही संगठनात्मक संरचना में सुधार से जुड़े कदम उठाए जाने का संकेत देता है। एक परोपकारी संस्था टाटा ट्रस्ट्स के भीतर और टाटा ट्रस्ट्स तथा टाटा संस के बीच हुए टकराव के […]
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