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Zero Personal Income Tax: दुनिया के वो देश जहां कमाई पर सरकार को नहीं देना पड़ता एक भी पैसा

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दुनिया के 15 से ज्यादा देशों में इनकम टैक्स नहीं लगता। UAE और बहामास जैसे देश तेल और पर्यटन के जरिए लोगों से टैक्स लिए बिना अपनी अर्थव्यवस्था चलाते हैं

Last Updated- April 26, 2026 | 5:15 PM IST
Income Tax
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

क्या आप सोच सकते हैं कि महीने के अंत में जब आपकी सैलरी आए, तो उसमें से टैक्स के नाम पर एक भी रुपया न कटे? भारत जैसे देश में, जहां लोग अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा इनकम टैक्स के रूप में देते हैं, वहां यह किसी सपने जैसा लग सकता है। लेकिन दुनिया के नक्शे पर करीब 15 से अधिक ऐसे देश हैं, जहां व्यक्तिगत आय पर कोई टैक्स नहीं लगता। साल 2026 के ताजा आंकड़ों और रिपोर्ट्स के अनुसार, ये देश अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए नागरिकों की सीधी कमाई के बजाय अन्य रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।

खाड़ी देशों का दबदबा: तेल की ताकत और टैक्स फ्री लाइफ

जब भी बिना टैक्स वाले देशों की बात आती है, तो मध्य पूर्व यानी मिडिल ईस्ट के देशों का नाम सबसे पहले आता है। इस सूची में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, कुवैत, सऊदी अरब, ओमान और बहरीन प्रमुख हैं। इन देशों की सरकारें अपनी कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के निर्यात से हासिल करती हैं।

UAE विशेष रूप से दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों के कारण पेशेवरों और उद्यमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। साल 2026 में भी यहां आय पर जीरो टैक्स की व्यवस्था लागू है। इसी तरह, कतर, कुवैत और बहरीन में भी प्रवासियों और नागरिकों को इनकम टैक्स से पूरी राहत मिली हुई है। दक्षिण-पूर्व एशिया की बात करें तो ब्रुनेई भी एक ऐसा ही तेल समृद्ध देश है, जहां नागरिकों को अपनी आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता।

पर्यटन और निवेश से चलती है अर्थव्यवस्था

खाड़ी देशों के अलावा, कैरिबियन और अटलांटिक महासागर में स्थित कई खूबसूरत द्वीपीय देश भी ‘जीरो टैक्स’ की सुविधा देते हैं। इस लिस्ट में बहामास (The Bahamas), बरमूडा, केमैन आइलैंड्स, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और सेंट किट्स एंड नेविस जैसे नाम शामिल हैं। इन देशों की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार पर्यटन और विदेशी निवेश है। ये देश अमीर निवेशकों और रिटायरमेंट के बाद सुकून की तलाश कर रहे लोगों को अपनी ओर खींचने के लिए ऐसी उदार नीतियां अपनाते हैं।

Also Read: क्या आप भी ले रहे हैं SWP से मंथली इनकम? जान लीजिए टैक्स का ये गणित वरना कट जाएगी आपकी जेब

यूरोप की बात करें तो मोनाको दुनिया का सबसे प्रसिद्ध टैक्स हेवन है। फ्रांस के करीब स्थित यह छोटा सा देश दुनिया भर के अमीरों और मशहूर हस्तियों का पसंदीदा ठिकाना है क्योंकि यहां व्यक्तिगत आय पर कोई टैक्स नहीं देना होता। वहीं, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित वानुअतु (Vanuatu) भी उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो अपनी आय कर मुक्त नीतियों के लिए जाने जाते हैं।

बिना इनकम टैक्स के सरकारें कैसे चलाती हैं देश?

यह सवाल मन में आना स्वाभाविक है कि अगर सरकार टैक्स नहीं लेगी, तो सड़कें, अस्पताल और स्कूल कैसे बनेंगे? दरअसल, ये देश ‘इनकम टैक्स’ के बदले ‘कंजम्पशन टैक्स’ या अन्य अप्रत्यक्ष टैक्स पर निर्भर रहते हैं।

  • वैट (VAT) और सेल्स टैक्स: ज्यादातर टैक्स-फ्री देशों में वस्तुओं और सेवाओं पर वैट लगाया जाता है। यानी आप जो भी सामान खरीदते हैं, उस पर एक छोटा हिस्सा सरकार को जाता है।
  • सरकारी फीस और लाइसेंस: व्यवसाय शुरू करने, वीजा रिन्यूअल और प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन जैसी सेवाओं के लिए ये सरकारें अच्छी खासी फीस वसूलती हैं।
  • कॉरपोरेट टैक्स: UAE जैसे देशों ने अब बड़ी कंपनियों के मुनाफे पर टैक्स लगाना शुरू कर दिया है, ताकि व्यक्तिगत आय पर जीरो टैक्स की नीति को बरकरार रखा जा सके।
  • प्राकृतिक संसाधन: कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों में तेल से होने वाली कमाई पूरी अर्थव्यवस्था का बोझ उठाने के लिए पर्याप्त है।

हालांकि, इन देशों में रहने के अपने कुछ खर्चे भी हैं। कई बार बिना टैक्स वाले देशों में रहने की लागत बहुत अधिक होती है। स्कूल की फीस, घर का किराया और स्वास्थ्य सुविधाएं काफी महंगी हो सकती हैं। इसलिए, केवल जीरो इनकम टैक्स देखकर ही कोई फैसला नहीं लिया जा सकता, बल्कि वहां के कुल खर्चों का हिसाब लगाना भी जरूरी होता है।

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First Published - April 26, 2026 | 4:48 PM IST

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