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दोस्त या परिवार के साथ क्रेडिट कार्ड शेयर करना पड़ सकता है भारी, जानें कैसे!

दोस्त या परिवार के साथ क्रेडिट कार्ड शेयर करना आसान लग सकता है, लेकिन इससे क्रेडिट स्कोर और वित्तीय जिम्मेदारियों पर गंभीर असर पड़ सकता है।

Published by
अमित कुमार   
Last Updated- December 06, 2025 | 11:46 AM IST

Credit Card Tips: कभी-कभी हम अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को क्रेडिट कार्ड शेयर करने में कोई बुराई नहीं समझते। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह छोटी सुविधा बड़ी वित्तीय समस्याओं का कारण बन सकती है। यह न सिर्फ धोखाधड़ी के जोखिम को बढ़ाता है, बल्कि क्रेडिट स्कोर को भी नुकसान पहुंचा सकता है और लंबे समय तक आर्थिक स्थिति पर असर डाल सकता है।

आप पर पूरा कानूनी जिम्मा होगा

Zaggle के चीफ बिजनेस ऑफिसर सौरभ पुरी के अनुसार, अगर कार्डधारक जानबूझकर अपना कार्ड पासवर्ड या OTP किसी के साथ शेयर करता है, तो बैंक इसे “अनुमोदित ट्रांजैक्शन” मानता है। इसका मतलब है कि कार्डधारक खुद ही सभी खर्च, ब्याज और पेनल्टी के लिए जिम्मेदार होगा, चाहे कोई और कार्ड का गलत इस्तेमाल करे।

पुरी ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक व्यक्ति ने अपने चचेरे भाई को कार्ड दे दिया था। भाई ने कुछ हफ्तों में 1.8 लाख रुपये खर्च कर दिए। उन्होंने कहा, “चूंकि कार्डधारक ने कार्ड शेयर किया था, बैंक ने चार्जबैक अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। इसके कारण ग्राहक की क्रेडिट लिमिट घट गई और क्रेडिट स्कोर 70 से अधिक अंक गिर गया।”

दूसरे का खर्च भी आपके स्कोर पर असर डाल सकता है

अगर कोई और कार्ड का इस्तेमाल ज्यादा खर्च या लेट पेमेंट के लिए करता है, तो यह आपके क्रेडिट रिपोर्ट में रिकॉर्ड हो जाता है। पुरी बताते हैं:

  • कार्ड का हाई यूटिलाइजेशन 20-40 अंक तक स्कोर घटा सकता है।

  • सिर्फ 30 दिन की देर से भुगतान 60-100 अंक तक गिरा सकता है।

  • लगातार देर से भुगतान स्कोर को 6-12 महीने तक प्रभावित कर सकता है।

इसका असर न केवल भविष्य में लोन लेने की क्षमता पर पड़ता है, बल्कि घर या बिजनेस लोन की योजना भी प्रभावित हो सकती है।

धोखाधड़ी की स्थिति में भी आप जिम्मेदार

अगर कोई कार्ड का गलत इस्तेमाल होता है, तो बैंक अक्सर इसे लापरवाही मानता है। पुरी कहते हैं, “ऐड-ऑन कार्ड या जानबूझकर शेयर किए गए कार्ड के मामले में, प्राइमरी कार्डधारक 100% जिम्मेदार होता है, जब तक कि साइबर फ्रॉड साबित न हो।”

सुरक्षित विकल्प अपनाएं

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दूसरों की मदद करते समय ऐसे विकल्प अपनाएं जो आपके खर्च को सुरक्षित रखें।

  • ऐड-ऑन कार्ड: सीमित राशि के साथ खर्च को ट्रैक करना आसान।

  • सिक्योर्ड कार्ड: नए यूजर्स क्रेडिट हिस्ट्री बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • RuPay UPI क्रेडिट: छोटे और ट्रैक करने योग्य खर्च के लिए।

अंत में, क्रेडिट कार्ड को व्यक्तिगत रखना केवल अच्छी आदत नहीं, बल्कि एक जरूरी सुरक्षा है। थोड़ी सी सुविधा के लिए महीनों की वित्तीय मरम्मत जोखिम में न डालें।

First Published : December 6, 2025 | 10:52 AM IST