अगर आपका पैसा भी सहारा ग्रुप की चार सहकारी समितियों में फंसा हुआ है तो आपके लिए अच्छी खबर है। सहकारिता मंत्रालय ने उन निवेशकों के लिए रिफंड का रास्ता फिर से खोल दिया है, जिनके क्लेम 10 लाख रुपये तक के हैं। जिन लोगों के पहले आवेदन में कोई कमी रह गई थी या पेमेंट फेल हो गया था, वे अब पोर्टल पर दोबारा दावा जमा कर सकते हैं।
ये सुविधा उन लोगों के लिए है जिनका कुल क्लेम चार सहकारी समितियों में 10 लाख रुपये तक का है। नए लोग भी आवेदन कर सकते हैं और पुराने आवेदन में सुधार करने वाले भी। लेकिन कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। अगर क्लेम 50 हजार रुपये से ज्यादा है तो पैन कार्ड लगाना जरूरी है। आवेदन के लिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर चाहिए, क्योंकि OTP आएगा। साथ ही रिफंड सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में आएगा। इन चीजों के बिना क्लेम आगे नहीं बढ़ेगा।
प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बनाई गई है। सबसे पहले 14 अंकों का क्लेम रिक्वेस्ट नंबर (CRN) डालना होता है। उसके बाद कैप्चा भरें और आधार से जुड़े मोबाइल पर आए OTP से वेरिफाई करें। जहां कमी थी, वहां सुधार करें या नई डिटेल्स डालें। सबमिट करने के बाद क्लेम प्रोसेसिंग के लिए चला जाता है। मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे क्लेम 45 वर्किंग डेज में निपटाए जाएंगे। ट्रैकिंग भी आसानी से हो सकेगी।
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ये पूरा रिफंड सिस्टम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रहा है। जस्टिस (रिटायर्ड) आर. सुभाष रेड्डी की सिफारिशों के मुताबिक काम हो रहा है और एमिकस क्यूरी गौरव अग्रवाल की देखरेख में। इससे सिर्फ सही और वैध क्लेम ही पास होंगे, कोई फर्जीवाड़ा नहीं चलेगा।
कई लोगों के पहले आवेदन रिजेक्ट हो गए थे छोटी-मोटी गलतियों की वजह से। अब दोबारा मौका मिल रहा है। लेकिन ध्यान रखें कि आधार, पैन और बैंक डिटेल्स बिल्कुल सही होनी चाहिए। थोड़ी सी भी गड़बड़ हुई तो फिर देरी हो सकती है।