भारत में सुरक्षित निवेश और शानदार रिटर्न की जब भी बात आती है, तो पोस्ट ऑफिस (डाकघर) की बचत योजनाएं सबसे पहले जेहन में आती हैं। खासकर मध्यम वर्ग के लिए, जो शेयर बाजार के रिस्क से दूर रहकर एक बड़ा फंड बनाना चाहता है, उसके लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक बेहतरीन विकल्प है।
इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ आती है। यानी आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और रिटर्न भी तय है। आइए समझते हैं कि कैसे आप इस योजना के जरिए 60 लाख रुपये का फंड तैयार कर सकते हैं और टैक्स में भारी बचत भी कर सकते हैं।
फाइनेंसियल ईयर 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए PPF की ब्याज दर 7.1% सालाना रखी गई है। सरकार हर तीन महीने में इन ब्याज दरों की समीक्षा करती है, लेकिन पिछले काफी समय से इसे 7.1% पर स्थिर रखा गया है।
नियमों की बात करें तो इस स्कीम में आप एक फाइनेंसियल ईयर में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। यह निवेश आप एकमुश्त (Lumpsum) भी कर सकते हैं या फिर महीने की किस्तों में भी। इसकी मैच्योरिटी टाइम 15 साल होती है, लेकिन अगर आप बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो इसे 5-5 साल के तीन ब्लॉक में आगे बढ़ाने की सुविधा भी मिलती है।
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PPF में ‘कंपाउंडिंग’ (चक्रवृद्धि ब्याज) की ताकत काम करती है। अगर आप अधिकतम सीमा यानी 1.5 लाख रुपये सालाना (करीब 12,500 रुपये महीना) निवेश करते हैं, तो 60 लाख का आंकड़ा छूना बहुत मुश्किल नहीं है।
PPF उन चुनिंदा निवेश योजनाओं में से एक है जिसे EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी में रखा गया है। इसका मतलब है कि आपको तीन अलग-अलग स्तरों पर टैक्स का फायदा मिलता है:
यही कारण है कि पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए जानकारों की पहली पसंद बनी हुई है। इसमें रिस्क जीरो है और टैक्स बचत के साथ मिलने वाला रिटर्न महंगाई को मात देने में काफी हद तक सक्षम है।
(डिस्क्लेमर: भविष्य में ब्याज दरों में अगर बदलाव होता है तो फंड ऊपर-नीचे हो सकता है। यह पूरा कैलकुलेशन PPF कैलकुलेटर पर आधारित है। निवेश से पहले फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें।)