प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 फरवरी 2019 को शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक आर्थिक सहायता कार्यक्रम है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करना और उनके जीवन स्तर को मजबूत बनाना है।
योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक मदद तीन समान किस्तों में दी जाती है। इसका मतलब है कि हर चार महीने पर सीधे उनके बैंक खाते में 2,000 रुपये ट्रांसफर किए जाते हैं। अब तक कुल 21 किस्तें किसानों के खातों में पहुंच चुकी हैं और अब वे 22वीं किस्त के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
पीएम-किसान योजना मुख्य रूप से उन किसानों को लक्षित करती है जिनके पास 2 हेक्टेयर तक की भूमि है। योजना सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करने की प्रणाली डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से संचालित होती है। इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार की संभावना को कम करना और सुनिश्चित करना है कि मदद केवल वास्तविक किसानों तक पहुंचे।
योजना की सहायता से किसान बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि संबंधी आवश्यकताओं के लिए समय पर धन प्राप्त कर सकते हैं। यह विशेष रूप से रबी और खरीफ सीजन में उनकी आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है।
हाल के वर्षों में सरकार ने योजना में पारदर्शिता बढ़ाने और केवल वास्तविक लाभार्थियों को ही फायदा पहुंचाने के लिए लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन शुरू किया है। इसमें e-KYC, भूमि रिकॉर्ड, आधार-बैंक खाते का मिलान और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच शामिल है।
कुछ मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया गया है, जैसे एक परिवार से एक से अधिक सदस्य का लाभ लेना या गलत जानकारी देना। ऐसे किसानों के नाम सूची से हटाए गए हैं या उनकी किस्तें रोकी गई हैं।
सरकार की मंशा यह है कि योजना का पैसा सही हाथों तक पहुंचे। इसलिए यह प्रक्रिया थोड़ी समय ले सकती है। ध्यान रहे कि 1 फरवरी 2019 के बाद खरीदी गई जमीन के आधार पर दावे अमान्य हो सकते हैं।
एक परिवार (पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे) से केवल एक ही व्यक्ति लाभार्थी हो सकता है। यदि पति और पत्नी दोनों लाभार्थी हों तो किस्तें रोक दी जाती हैं। इसके अलावा e-KYC पूरा न होना, आधार और बैंक खाते में मिसमैच, नाम या जन्मतिथि में त्रुटि, गलत बैंक विवरण, सरकारी नौकरी या आयकर दाता होना भी पात्रता प्रभावित कर सकता है।
21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी हुई थी। चार महीने के अंतराल के हिसाब से 22वीं किस्त फरवरी-मार्च 2026 में आनी है। मीडिया रिपोर्ट और पिछले पैटर्न के आधार पर यह संभावना है कि मार्च 2026 के पहले या मध्य सप्ताह में किसानों के खाते में ट्रांसफर हो सकता है। कुछ सूत्रों के अनुसार 13 मार्च 2026 तक पैसा ट्रांसफर होने की संभावना है, क्योंकि इसी समय प्रधानमंत्री का असम दौरा प्रस्तावित है।
हालांकि, अभी तक कृषि मंत्रालय या आधिकारिक वेबसाइट से कोई फाइनल तारीख घोषित नहीं की गई है। कुछ विशेषज्ञों का अनुमान है कि होली के बाद या महीने के अंत तक भी 22वीं किस्त जारी की जा सकती है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से pmkisan.gov.in वेबसाइट पर जाएं और ‘Farmers Corner’ में ‘Beneficiary Status’ या ‘Know Your Status’ पर क्लिक करके अपनी स्थिति जांचें। इसके लिए आधार नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करें। OTP या कैप्चा भरकर सबमिट करने पर स्क्रीन पर पेमेंट स्टेटस, बैंक विवरण और किस्त की जानकारी दिखाई देगी।
यदि नाम लाभार्थियों की सूची में नहीं है, तो राज्य, जिला और ब्लॉक चुनकर सूची देखें। यदि पिछली 3 किस्तें नहीं आई हैं, तो सबसे पहले e-KYC पूरा करें। यह प्रक्रिया ऑनलाइन या नजदीकी CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक माध्यम से की जा सकती है।
यदि फिर भी समस्या बनी रहे, तो किसान हेल्पलाइन नंबर 155261 या 011-24300606 पर संपर्क कर सकते हैं या जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति से मिल सकते हैं। समय रहते ये कदम उठाने पर 22वीं किस्त के साथ पिछली अटकी राशि भी प्राप्त की जा सकती है।
सरकार लगातार सत्यापन कर रही है। इसलिए सभी पात्र किसानों को सलाह है कि वे जल्द से जल्द e-KYC और स्टेटस जांच पूरी करें। यह योजना किसानों की मजबूती और आर्थिक सहायता के लिए है, लेकिन नियमों का पालन करना अनिवार्य है।