facebookmetapixel
Advertisement
भारतीय बाजारों में कब लौटेंगे FIIs? एक्सपर्ट्स ने कहा- तीन बड़ी चुनौतियों से निपटना जरूरीBank Holidays: जून में बैंक जाने से पहले पढ़ लें यह खबर, 11 दिन तक बंद रहेंगी शाखाएं; जानिए छुट्टियों की लिस्टसरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8th Pay Commission ने बढ़ाई मेमोरेंडम जमा करने की डेडलाइन4 दिन में 14,000 करोड़ निकाले, विदेशी निवेशकों को क्या दिख रहा है?Vedanta Group पर ED की बड़ी कार्रवाई, FEMA जांच में कई ठिकानों पर तलाशीकार खरीदने वालों की लगी लाइन! मोतीलाल ओसवाल की पसंद बने ये 3 ऑटो शेयर, क्या आपके पास हैं?अप्रैल में दौड़ी फैक्ट्रियां! IIP ग्रोथ में जोरदार उछाल, लेकिन आगे बड़ा खतरा बरकरारJSW का बड़ा दांव! 30 GWh Li-ion सेल प्लांट पर $1.3 अरब का निवेश, EV मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तारचीन की सेना तक पहुंच सकती हैं Nvidia की सबसे ताकतवर AI चिप्स? रिपोर्ट ने बढ़ाई अमेरिका की टेंशनGold-Silver Price Today: सोना 1.59 लाख के पार, चांदी के फिसले दाम; चेक करें आज के ताजा रेट

Gas Cylinder Booking: LPG सिलेंडर के लिए DAC नंबर क्यों है जरूरी? जानें डीटेल

Advertisement

सरकार ने LPG डिलीवरी में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए DAC नंबर सिस्टम लागू किया, जिससे बिना कोड सिलेंडर नहीं मिलेगा।

Last Updated- April 21, 2026 | 2:44 PM IST
LPG Gas Booking
Representative image

LPG Gas Booking: देश में एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने नया सिस्टम लागू किया है। इस नए नियम के तहत अब हर बुकिंग पर एक Delivery Authentication Code (DAC) दिया जाएगा, जिसके बिना सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो सकेगी। सरकार का कहना है कि इससे फर्जी बुकिंग और धोखाधड़ी की घटनाओं पर रोक लगेगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

क्या है DAC नंबर?

DAC यानी Delivery Authentication Code एक तरह का वन टाइम कोड है, जो गैस सिलेंडर की बुकिंग कन्फर्म होने के बाद जनरेट होता है। यह कोड उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS, व्हाट्सएप या ईमेल के जरिए भेजा जाता है। डिलीवरी के समय यह कोड दिखाना जरूरी होता है, तभी सिलेंडर दिया जाता है।

LPG Gas Booking: कैसे काम करता है नया सिस्टम?

उपभोक्ता LPG सिलेंडर की बुकिंग गैस एजेंसी, IVRS कॉल, SMS या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए कर सकते हैं। बुकिंग कन्फर्म होते ही DAC जनरेट हो जाता है और ग्राहक को भेज दिया जाता है। डिलीवरी के समय यह कोड डिलीवरी एजेंट को दिखाना अनिवार्य होता है। अगर DAC नहीं होगा, तो सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी।

सरकार ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि इस कोड को OTP की तरह सुरक्षित रखें और किसी के साथ साझा न करें, केवल डिलीवरी एजेंट को ही दिखाएं।

सरकार का क्या कहना है?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि देश में घरेलू LPG आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि उत्पादन बढ़ाने, बुकिंग सिस्टम को मजबूत करने और DAC सिस्टम के विस्तार से उपभोक्ताओं का भरोसा और पारदर्शिता दोनों बढ़ेगी।

LPG Gas Booking: तकनीकी खामियों के बाद सुधार

हाल ही में DAC सिस्टम में तकनीकी समस्या के कारण कई उपभोक्ताओं को बुकिंग और भुगतान के बावजूद कोड नहीं मिल पा रहा था, जिससे डिलीवरी में दिक्कतें आईं। जांच में सामने आया कि यह समस्या सिस्टम डिजाइन से जुड़ी थी, जिसमें कुछ डिवाइस और मोबाइल लिंकिंग में कमी थी।

अब इस सिस्टम को अपडेट कर दिया गया है और सुधार के बाद DAC को व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए भी भेजा जा रहा है, जिससे प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और भरोसेमंद हो गई है।

Advertisement
First Published - April 21, 2026 | 2:44 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement