facebookmetapixel
Advertisement
BiharOne: बिहार में डिजिटल गवर्नेंस की नई शुरुआत, CIPL के साथ बदलाव की बयारईरानी तेल खरीद का दावा गलत, रिलायंस ने रिपोर्टों को बताया बेबुनियादरनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी‘हेडलाइन्स’ से कहीं आप भी तो नहीं हो रहे गुमराह? SIP पर जारी रखें ये स्ट्रैटेजीAM/NS India में बड़ा बदलाव: दिलीप ओम्मन होंगे रिटायर, अमित हरलका बनेंगे नए सीईओभारत में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं, 60 दिन का स्टॉक मौजूद: सरकारभारत की तेल जरूरतें क्यों पूरी नहीं कर पा रहा ईरानी क्रूड ऑयल? चीन की ओर मुड़े जहाजलाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनी

भारत में कुछ नौकरियां दे रहीं ₹8 करोड़ तक सैलरी! रिपोर्ट में खुला हाई-पेड जॉब्स का राज

Advertisement

माइकल पेज की इंडिया सैलरी गाइड 2026 के मुताबिक, भारत में CFO जैसे वरिष्ठ पदों की सैलरी 8 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है

Last Updated- March 11, 2026 | 3:27 PM IST
money

भारत में कुछ नौकरियां अब इतनी ज्यादा सैलरी दे रही हैं कि आंकड़े सुनकर ही हैरानी हो सकती है। हायरिंग कंपनी माइकल पेज की इंडिया सैलरी गाइड 2026 के मुताबिक, बड़ी कंपनियों में काम करने वाले चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) की सालाना सैलरी 8 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं प्राइवेट इक्विटी फंड के वरिष्ठ अधिकारी भी 6 करोड़ रुपये तक कमा रहे हैं।

रिपोर्ट बताती है कि भले ही कुल मिलाकर सैलरी बढ़ने की रफ्तार थोड़ी धीमी हो रही हो, लेकिन कंपनियां अब भी खास स्किल वाले प्रोफेशनल्स के लिए मोटी सैलरी देने को तैयार हैं। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स में नौकरी बदलने वाले लोगों को 30 प्रतिशत तक ज्यादा सैलरी मिल सकती है।

CFO बने कॉरपोरेट दुनिया के सबसे महंगे पद

कॉरपोरेट दुनिया में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वालों में CFO सबसे आगे हैं। जिन कंपनियों की सालाना आय 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है, वहां CFO की कमाई 1.75 करोड़ से 8 करोड़ रुपये तक हो सकती है।

मिड साइज कंपनियों में भी इनकी कमाई कम नहीं है। 5,000 से 10,000 करोड़ रुपये की आय वाली कंपनियों में CFO को 1.5 करोड़ से 4 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं। वहीं 1,000 से 5,000 करोड़ रुपये वाली कंपनियों में भी यह सैलरी 1 करोड़ से 3 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

Also Read: Ration Card App: घर बैठे चेक करें राशन का पूरा रिकॉर्ड, सरकार ने ऐप में जोड़ा नया फीचर

प्राइवेट इक्विटी और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में पैसों की बारिश

भारत में प्राइवेट इक्विटी और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग अब भी सबसे ज्यादा कमाई वाले करियर में शामिल हैं। वैश्विक प्राइवेट इक्विटी फंड में एसोसिएट स्तर के अधिकारी 60 लाख से 1.2 करोड़ रुपये तक कमा सकते हैं। वहीं वाइस प्रेसिडेंट की सैलरी 1.3 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक हो सकती है।

वरिष्ठ स्तर पर कमाई और भी ज्यादा हो जाती है। डायरेक्टर की सैलरी 1.85 करोड़ से 4 करोड़ रुपये तक और मैनेजिंग डायरेक्टर की सैलरी 4 करोड़ से 6 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में भी पैसा कम नहीं है। मल्टीनेशनल बैंकों में कॉरपोरेट फाइनेंस और मर्जर एंड एक्विजिशन (M&A) से जुड़े एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट को 55 लाख से 90 लाख रुपये तक मिलते हैं। वहीं डायरेक्टर को 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये और मैनेजिंग डायरेक्टर को 2.5 करोड़ से 4 करोड़ रुपये तक सैलरी मिल सकती है।

मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग में भी बढ़ रही कमाई

भारत में मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग सेक्टर भी तेजी से बदल रहा है और इसके साथ ही सैलरी भी बढ़ रही है। बड़ी कंपनियों में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) साल में 1 करोड़ से 3 करोड़ रुपये तक कमा सकते हैं। वहीं मैन्युफैक्चरिंग या ऑपरेशंस हेड की सैलरी 80 लाख से 2 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

15 साल से ज्यादा अनुभव वाले प्लांट या साइट हेड आम तौर पर 70 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक कमाते हैं। खासकर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और ग्रीन एनर्जी जैसे नए सेक्टर्स में इंजीनियरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन में भी बड़ा पैसा

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में भी सैलरी तेजी से बढ़ रही है। बड़े प्रोजेक्ट संभालने वाले वरिष्ठ अधिकारी 1.5 करोड़ से 6 करोड़ रुपये तक कमा सकते हैं। इसके अलावा 15 से 25 साल अनुभव वाले प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग विशेषज्ञ भी 50 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक सैलरी पा सकते हैं।

हेल्थकेयर और फार्मा में एआई से बढ़ी मांग

हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में भी अब तकनीक का असर दिख रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से दवा खोज, रिसर्च और डायग्नोस्टिक्स के तरीके बदल रहे हैं। फार्मा कंपनियों में 25 साल से ज्यादा अनुभव वाले वरिष्ठ पेशेवर 65 लाख से 1.2 करोड़ रुपये तक कमा सकते हैं। वहीं मेडिकल डिवाइस कंपनियों में शीर्ष अधिकारी 3.5 करोड़ रुपये तक सैलरी पा सकते हैं।

एचआर भी पहुंचा “करोड़ क्लब” में

एक समय ऐसा था जब एचआर को सिर्फ सपोर्ट फंक्शन माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। बड़ी कंपनियों में एचआर प्रमुख की सैलरी 1.5 करोड़ से 4 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। वहीं 15 साल से ज्यादा अनुभव वाले कंपनसेशन और बेनिफिट्स प्रमुख को 1 करोड़ से 1.8 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं।

अब अनुभव नहीं, स्किल तय करेगी सैलरी

रिपोर्ट का सबसे बड़ा संकेत यह है कि अब केवल अनुभव ही नहीं, बल्कि खास स्किल ज्यादा मायने रखने लगे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टर्स में विशेषज्ञता रखने वाले प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे स्किल रखने वाले लोग नौकरी बदलने पर 30 से 40 प्रतिशत तक ज्यादा सैलरी पा सकते हैं। यानी आने वाले समय में नौकरी की दुनिया में सबसे बड़ा फर्क स्किल ही तय करेगा।

Advertisement
First Published - March 11, 2026 | 2:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement