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FASTag यूजर्स को बड़ी राहत: 1 फरवरी से कारों के लिए KYV की झंझट खत्म, NHAI का बड़ा फैसला

यह नया फैसला लोगों की सुविधा बढ़ाने और फास्टैग एक्टिव होने के बाद हाईवे यूजर्स को होने वाली परेशानियों को खत्म करने के लिए लिया गया है

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ऋषिका अग्रवाल   
Last Updated- January 02, 2026 | 3:15 PM IST

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब कार, जीप और वैन जैसी चार पहिया गाड़ियों के लिए नए फास्टैग जारी करने में नो योर व्हीकल (KYV) की प्रक्रिया पूरी तरह बंद हो जाएगी। यह बदलाव 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। इससे हाईवे पर सफर करने वाले लाखों लोगों को आसानी होगी और फास्टैग एक्टिव होने के बाद वाली परेशानी दूर हो जाएगी।

KYV आखिर है क्या चीज?

KYV एक तरह की जांच प्रक्रिया है जो फास्टैग जारी करने और इस्तेमाल करने से जुड़ी हुई है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि फास्टैग सही गाड़ी और उसके असली मालिक से जुड़ा हो। इससे गलत इस्तेमाल, डुप्लीकेट टैग या गलत गाड़ी से लिंक होने जैसी दिक्कतें रोकी जाती हैं।

यह जांच वाहन डेटाबेस यानी वाहन पोर्टल पर गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की डिटेल चेक करके की जाती है। साथ ही देखा जाता है कि गाड़ी पर पहले से कोई एक्टिव फास्टैग तो नहीं है या वह ब्लैकलिस्टेड तो नहीं।

नए नियमों में क्या बदलेगा?

पहले फास्टैग एक्टिव हो जाने के बाद भी कभी-कभी KYV की जांच करनी पड़ती थी, जिसके लिए यूजर्स को बाद में डॉक्यूमेंट देने पड़ते थे। लेकिन अब यह पोस्ट-एक्टिवेशन KYV की जरूरत पूरी तरह खत्म कर दी गई है।

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पुराने फास्टैग वाले क्या करेंगे?

जिन गाड़ियों पर पहले से फास्टैग लगा हुआ है, उनके लिए भी रूटीन KYV की जरूरत नहीं रहेगी। यह जांच सिर्फ खास मामलों में होगी, जैसे फास्टैग ढीला होना, गलत तरीके से जारी होना या गलत इस्तेमाल की बात सामने आने की शिकायत हो तो। अगर कोई शिकायत नहीं है, तो पुरानी कारों के फास्टैग पर कोई KYV नहीं करनी पड़ेगी।

सुरक्षा का इंतजाम कैसे होगा?

यूजर्स के लिए प्रक्रिया आसान बनाने के साथ-साथ NHAI ने गलतियां रोकने और सटीकता बढ़ाने के लिए फास्टैग एक्टिव करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब बैंक फास्टैग एक्टिव तभी कर सकेंगे जब वाहन पोर्टल पर गाड़ी की डिटेल चेक कर ली जाए। पहले की तरह पहले एक्टिव करके बाद में जांच करने का तरीका बंद हो गया है।

कुछ दुर्लभ मामलों में अगर गाड़ी की जानकारी वाहन पोर्टल पर नहीं मिलती, तो बैंक को गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) देखकर जांच करनी होगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक की होगी।

ये नियम ऑनलाइन खरीदे जाने वाले फास्टैग पर भी लागू होंगे। मतलब, हर जगह पहले पूरी जांच हो जाएगी और एक्टिवेशन के बाद ग्राहकों से दोबारा संपर्क करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस बदलाव की वजह क्या है?

लाखों सड़क यूजर्स को फास्टैग एक्टिव होने के बाद भी KYV जांच की वजह से देरी और परेशानी हो रही थी, भले ही उनके पास सारे वैध डॉक्यूमेंट हों। इस शिकायत को दूर करने के लिए NHAI ने यह कदम उठाया है।

अब सारी जिम्मेदारी जारी करने वाले बैंकों पर डाल दी गई है कि वे एक्टिवेशन से पहले ही सब कुछ चेक कर लें। इससे फास्टैग सिस्टम ज्यादा सरल, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी पर आधारित बनेगा, साथ ही नियमों का पालन बेहतर होगा और यूजर्स की शिकायतें कम होंगी।

First Published : January 2, 2026 | 2:58 PM IST