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Stock Market Closing Bell, October 13: वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (13 अक्टूबर) को गिरावट में बंद हुए। ट्रंप के 1 नवंबर से चीन पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के चलते वैश्विक बाजारों में गिरावट आई। इसका असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिला।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 400 से ज्यादा अंक की गिरावट लेकर 82,049.16 पर खुला। खुलते ही इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान यह 82,043.14 अंक तक गिर गया था। अंत में यह 173.77 अंक या 0.21 फीसदी की गिरावट लेकर 82,327.05 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 25,177 पर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,152.30 अंक के इंट्रा-डे लो और 25,267 अंक के इंट्रा-डे हाई तक गया। अंत में यह 58 अंक या 0.23 फीसदी की गिरावट के साथ 25,227 पर बंद हुआ।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजारों की शुरुआत इस सप्ताह सतर्क रुख के साथ हुई। अमेरिका में चल रहा सरकारी शटडाउन और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ते ट्रेड तनाव ने एशियाई बाजारों में जोखिम से बचाव की भावना को बढ़ा दिया। हालिया तेजी के बाद कंजम्पशन और डिस्क्रेशनेरी सेक्टर्स में मुनाफावसूली देखने को मिली। इससे निवेशकों की रणनीतिक पोजिशनिंग में बदलाव का संकेत मिला।”
उन्होंने कहा, ”दूसरी तिमाही के मिले-जुले नतीजों ने भी बाजार की धारणा पर दबाव डाला। आईटी शेयरों ने कमजोर प्रदर्शन किया, जबकि रेगुलेटरी छूट के बाद फाइनेंशियल शेयरों में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली। मिड और स्मॉल कैप शेयरों ने सकारात्मक रुख बनाए रखा। हालांकि रुपये में हल्की मजबूती और महंगाई की अपेक्षाओं में नरमी ने गिरावट को कुछ हद तक थामा, फिर भी कुल मिलाकर बाजार की धारणा सतर्क बनी रही। इससे बाजार पर हल्का निगेटिव दबाव रहा।”
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा मोटर्स, इंफोसिस, एचयूएल, पावर ग्रिड, आईटीसी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। जबकि अदाणी पोर्ट्स, बजाज ट्विन्स और एक्सिस बैंक टॉप गेनर्स में रहे।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी और एफएमसीजी सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। इनमें क्रमशः 0.78 फीसदी और 0.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.35 फीसदी ऊपर रहा। ब्रॉडर मार्केट्स की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.11 फीसदी बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.17 प्रतिशत फिसल गया।
शुक्रवार को ट्रंप ने ऐलान किया कि 1 नवंबर से चीन पर अतिरिक्त 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि चीन लगभग सभी उत्पादों पर व्यापक निर्यात प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक “नैतिक अपमान” करार दिया।
ट्रंप ने कहा कि चीन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक शत्रुतापूर्ण पत्र भेजा और लगभग सभी उत्पादों पर व्यापक निर्यात नियंत्रण की घोषणा की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में “अपूर्व” और लंबे समय से योजनाबद्ध रणनीति बताया।
निवेशक चीन से आयात/निर्यात डेटा पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, भारत में D-Street निवेशक सितंबर 2025 की महंगाई (इन्फ्लेशन) डेटा का इंतजार कर रहे हैं। एशियाई बाजारों सोमवार को लाल रंग में रहे, चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड तनाव बढ़ने के बाद। दोनों देशों ने नए व्यापार प्रतिबंध लगाए और आपस में आरोप-प्रत्यारोप जारी रखा।
दक्षिण कोरिया का Kospi 2.35% गिरा
ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.68% गिरावट में रहा
जापान के बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद थे
वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांक S&P 500 और Nasdaq Composite में अप्रैल के बाद सबसे बड़ी एकल-दिन की गिरावट देखी गई। क्रमशः 2.71% और 3.56% नीचे आए। यह गिरावट अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड विवाद बढ़ने के बाद आई, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आयात पर 1 नवंबर से 100% शुल्क लगाने की घोषणा की।
भारत में शुक्रवार को सेंसेक्स 0.40% बढ़कर 82,500 पर बंद हुआ, जबकि Nifty50 0.41% बढ़कर 25,285 के स्तर पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 635.27 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,627.88 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।