Representative Image
Stock Market Closing Bell, August 1: एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार (31 जुलाई) को हफ्ते के आखिरी ट्रेडिंग सेशन में गिरकर बंद हुए। सेशन के पहले हिस्से में बाजार एक सीमित दायरे में घूमता रहा। लेकिन आखिरी घंटे में दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत पर टैरिफ लागू होने साथ फार्मा शेयरों में भारी बिकवाली हुई। साथ ही मेटल शेयरों में गिरावट ने बाजार को नीचे खींचा। इसके अलावा ट्रंप ने कई ट्रेडिंग पार्टनर्स पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसके चलते ग्लोबल मार्केट्स में कमजोरी देखने को मिल रही है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 100 से ज्यादा अंक की गिरावट के साथ 81,074 पर खुला। कारोबार के दौरान इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंत में यह 585.67 अंक या 0.72 फीसदी गिरकर 80,599.91 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 24,734.90 पर खुला। सेशन के पहले हिस्से में निफ्टी एक सीमित दायरे में घूमता रहा। लेकिन आखिरी घंटे में दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ा। अंत में यह 203 अंक या 0.82 प्रतिशत की गिरावट लेकर 24,565 पर सेटल हुआ।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (रिसर्च) अजित मिश्रा ने कहा, ”अगस्त सीरीज़ की शुरुआत बाज़ार ने नकारात्मक रुख के साथ की। इससे पहले से चल रहा करेक्शन की ट्रेंड और आगे बढ़ा। बाजार आधे प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ बंद हुआ। सेशन के पहले हिस्से में निफ्टी एक सीमित दायरे में घूमता रहा। लेकिन आखिरी घंटे में दिग्गज शेयरों में बिकवाली का दबाव बढ़ा। इससे इंडेक्स अपनी मीडियम टर्म मूविंग एवरेज 100-डे ईएमए (करीब 24,600) के नीचे फिसल गया और अंत में 24,565.35 पर बंद हुआ।”
उन्होंने कहा, ”बाजार अभी भी मिले-जुले तिमाही नतीजों से जूझ रहा है, वहीं हालिया टैरिफ की घोषणा और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी निवेश धारणा पर और दबाव डाल रही है। अब निफ्टी 24,450 के अगले अहम सपोर्ट के करीब पहुंच गया है; यदि यह स्तर टूटता है तो 200-डे ईएमए के स्तर 24,180 का दोबारा परीक्षण हो सकता है। ऊपर की ओर देखें तो 24,800–25,000 का ज़ोन मजबूत रेजिस्टेंस साबित हो सकता है। हम फिलहाल सतर्क रुख बनाए हुए हैं और स्पष्ट रिवर्सल सिग्नल आने तक हेज्ड रणनीति और निगेटिव झुकाव के साथ ट्रेड करने की सलाह देते हैं।”
सेंसेक्स की कंपनियों में सन फार्मा के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। फार्मा शेयर करीब 4.5% गिरकर बंद हुआ। अमेरिकी के भारत से आयत पर 25% टैरिफ लगाने की वजह से फार्मा सेक्टर पर असर पड़ा है। इसके अलावा मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, ट्रेंट लिमिटेड 3 फीसदी से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ। साथ ही एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, कोटक बैंक और रिलायंस हरे निशान में बंद हुए।
ब्रोडर मार्केटस में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.33 प्रतिशत की गिरावट आई। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.66 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी फार्मा इंडेक्स सबसे ज़्यादा 3.33 प्रतिशत गिरावट आई। निफ्टी मेटल इंडेक्स भी 1.97 प्रतिशत गिर गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.85 फीसदी की गिरावट आई। सिर्फ निफ़्टी एफएमसीजी 0.69% की बढ़त में रहा।
एशियाई शेयर बाजारों में शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3.4 प्रतिशत नीचे चल रहा था। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.4 प्रतिशत गिरा, जबकि चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स 0.11 प्रतिशत नीचे चल रहा था। इसका कारण अमेरिका की तरफ से कई ट्रेडिंग पार्टनर्स पर भारी टैरिफ लगाना और निवेशकों का अमेरिकी जॉब्स डेटा का इंतजार है। यह डेटा यह तय कर सकता है कि अगले महीने फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करेगा या नहीं।
अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए। दिन की शुरुआत में बढ़त दिखाने के बाद मार्केट कमजोर हुआ। इसका कारण ताजा कॉरपोरेट रिजल्ट और आर्थिक आंकड़े रहे। अब निवेशक अमेजन (Amazon) और एप्पल (Apple)के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं, जो मार्केट बंद होने के बाद आने वाले थे। माइक्रोसॉफ्ट का शेयर 3.5% चढ़ा क्योंकि कंपनी ने मजबूत नतीजे पेश किए। इस दौरान कंपनी का मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर पार कर गया। यह मील का पत्थर छूने वाली एनविडिया के बाद दूसरी पब्लिक कंपनी बनी।
यह भी पढ़ें: Vedanta, Coal India, JSW Energy से लेकर Swiggy तक कई कंपनियां फोकस में, 1 अगस्त को बाजार में दिखेगी हलचल
वॉल स्ट्रीट पर डॉव जोन्स गुरुवार को 330.30 अंक गिरकर 44,130.98 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 23.51 अंक टूटकर 6,339.39 पर और नैस्डैक 7.23 अंक फिसलकर 21,122.45 पर बंद हुआ।
देश के शेयर बाजारों को जुलाई में अस्थिरता का सामना करना पड़ा और मार्च से जून तक लगातार चार महीने से हो रही बढ़त का सिलसिला टूट गया। इस अवधि में बेंचमार्क इंडेक्स में करीब 15 फीसदी की उछाल दर्ज हुई। जुलाई में निफ्टी और सेंसेक्स करीब 3 फीसदी गिरकर बंद हुए। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांकों में क्रमश: 6.7 फीसदी व 4 फीसदी की फिसलन हुई। पिछले चार महीनों में दोनों सूचकांकों में क्रमश: 20-20 फीसदी की उछाल आई थी।