Stock Market Closing Bell, December 11, 2025: एशियाई बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (11 दिसंबर) को बढ़त में बंद हुए। शुरुआती कारोबार में निफ्टी-50 और सेंसेक्स गिरावट में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लेकिन अंत में बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। इसी के साथ बाजार में तीन दिन से जारी गिरावट थम गई। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के रेट कट के चलते बाजार के सेंटीमेंट्स पर पॉजिटिव असर पड़ा।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मजबूती के साथ 84,456 अंक पर खुला। खुलते ही इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लेकिन अंत में यह 426.86 अंक या 0.51 फीसदी की बढ़त के साथ 84,818.13 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 25,771 अंक पर खुला। इंडेक्स में शुरुआती कारोबार में उठापठक देखने को मिली। अंत में यह 140.55 अंक या 0.55 फीसदी चढ़कर 25,898.55 पर बंद हुआ।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ”इक्विटी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 25 बेसिस पॉइंट की पहले से अनुमानित दर कटौती से निवेशकों की धारणा को सहारा मिला। हालांकि, भारतीय रुपये में तेज गिरावट और नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से लाभ सीमित रहे। इससे मुद्रा से जुड़ी चिंताएं बढ़ीं। भारत–अमेरिका व्यापार वार्ताओं में ठोस प्रगति में देरी की नई आशंकाओं ने भी जोखिम उठाने की निवेशकों की इच्छा को कमजोर किया और घरेलू इक्विटी में व्यापक बढ़त पर अंकुश लगाया।”
उन्होंने कहा, ”एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत और अमेरिकी फ्यूचर्स में तेज बिकवाली ने दबाव और बढ़ा दिया। खासकर तब जब क्लाउड-कंप्यूटिंग कंपनी ओरेकल ने उम्मीद से कमजोर तिमाही राजस्व अनुमान जारी करने के बाद 12 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की। इन चुनौतियों के बावजूद, बाजार हरे निशान में बंद होने में सफल रहे, हालांकि निवेश माहौल सतर्क बना रहा।”
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा स्टील, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और टीएमपी के शेयरों में 2.5 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, आईसीआईसीआई बैंक और टाइटन के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।
प्रमुख शेयरों के साथ-साथ ब्रोडर इंडेक्स में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.81 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
निफ्टी मेटल और ऑटो इंडेक्स में क्रमशः 1.06 प्रतिशत और 1.11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। निफ्टी फार्मा और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 0.03 प्रतिशत की गिरावट आई।
अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी मुख्य ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की। इस कटौती के बाद दर लगभग 3.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो करीब तीन सालों में सबसे कम स्तर है। फेड ने कहा है कि वह अब कुछ समय तक इंतजार करेगा। आगे दर घटाने का फैसला वह अर्थव्यवस्था की हालत देखकर ही करेगा।
फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब अधिकारी आने वाले आर्थिक आंकड़ों को ध्यान से देखेंगे। उन्होंने कहा कि अभी जो ब्याज दर है, वह ऐसी जगह पर है जहां न तो यह अर्थव्यवस्था को ज्यादा तेज करती है और न ही उसे धीमा करती है। ताजा आर्थिक अनुमान रिपोर्ट में भी यह संकेत मिला है कि अगले वर्ष दरों में केवल एक अतिरिक्त कटौती की उम्मीद है।
एशिय के ज्यादातर बाजारों में तेजी देखी गई। चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.3 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.66 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.67 प्रतिशत बढ़ा। हालांकि, जापान का निक्केई इंडेक्स 0.39 प्रतिशत गिर गया। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी देखी गई। डाउ जोन्स 1.05 प्रतिशत, एसएंडपी 500 0.67 प्रतिशत और नैस्डैक 0.3 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ।
कमोडिटी बाजार की बात करें तो फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती के बाद चांदी की कीमतें LSEG के आंकड़ों के अनुसार 62.6 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गईं। गुरुवार सुबह अमेरिकी डॉलर इंडेक्स गिरकर 98.54 के निचले स्तर पर आ गया।