facebookmetapixel
Advertisement
पुदुच्चेरी के ‘यामाहा वाले CM’ का जलवा: रंगास्वामी की थट्टंचावाडी में पांचवीं जीत, NDA की सत्ता में वापसीAssembly Election Result 2026: पांचों राज्यों में कई दिग्गज गिरे तो उभर कर आए कई नए चेहरेवादे तो पूरे होंगे, लेकिन खजाने का क्या? विजय की कल्याणकारी योजनाओं से बढ़ सकता है आर्थिक दबावसिनेमा से सियासत का सफर: क्या MGR की तरह एक दशक तक राज करेंगे ‘थलपति’? 59 साल बाद टूटा द्रविड़ दलों का तिलस्मअसम में लगातार तीसरी बार बनी भाजपा की सरकार, पार्टी ने विधान सभा में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कियातमिलनाडु में ‘थलपति’ विजय का उदय: टीवीके बनी सबसे बड़ी पार्टी, सीएम स्टालिन चुनाव हारेबंगाल में भाजपा की जीत से उद्योगों की होगी घर वापसी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर में आ सकती है तेजी!केरल में UDF ने LDF को दी ​शिकस्त, सत्ता विरोधी लहर में ढह गया वामपंथ का आ​खिरी किलाबंगाल में भाजपा की जीत से खुलेगा विकास का द्वार: मनरेगा से लेकर आयुष्मान भारत तक, अब नहीं रुकेंगे फंड!बंगाल में ‘भगवा’ राज: 15 साल बाद ममता के शासन का अंत, जानें कैसे भाजपा ने ढहाया TMC का किला

सेबी ने SDI नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा, RBI गाइडलाइंस के अनुरूप लाने की तैयारी

Advertisement

असल में सिक्योरिटाइज्ड डेट इंस्ट्रूमेंट्स या एसडीआई ऐसी वित्तीय योजनाएं होती हैं जिन्हें अतरलीकृत (इलिक्विड) को पूल करके बनाया जाता है

Last Updated- May 04, 2026 | 10:50 PM IST
SEBI (1)

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को सिक्योरिटाइज्ड डेट इंस्ट्रूमेंट्स (एसडीआई) से जुड़े नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा। इसका मकसद इन्हें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मानक परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण (एसएसए) दिशानिर्देशों के अनुरूप बनाना है। आरबीआई ने इससे जुड़े निर्देश 2021 में जारी किए थे। 

असल में सिक्योरिटाइज्ड डेट इंस्ट्रूमेंट्स या एसडीआई ऐसी वित्तीय योजनाएं होती हैं जिन्हें अतरलीकृत (इलिक्विड) को पूल करके बनाया जाता है और फिर इन्हें खरीदने-बेचने वाली प्रतिभूतियों में बदला जाता है। इस पूल में मॉर्गेज, ऑटो लोन या रिसीवेबल शामिल होते हैं।

यह प्रस्ताव उस फीडबैक के बाद आया है जिसमें सेबी के नियमनों और आरबीआई के दिशानिर्देशों के बीच अंतर बताया गया था, खासतौर पर आरबीआई से नियमन वाली संस्थाओं की ओर से शुरू की गई  प्रतिभूतियों से जुड़े लेनदेन के बारे में।  

सेबी ने आरबीआई से नियमित होने वाली संस्थाओं को एक परिसंपत्ति के प्रतिभूतिकरण की भी अनुमति देने का प्रस्ताव किया है। इसमें उन्हें इस शर्त से छूट दी गई है कि किसी भी देनदार का हिस्सा परिसंपत्ति पूल के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। मौजूदा स्थितियों के तहत ऐसी लिस्टिंग पर रोक है, भले ही उन्हें आरबीआई के निर्देशं के तहत अनुमति हो।

Advertisement
First Published - May 4, 2026 | 10:31 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement