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डेरिवेटिव सेगमेंट में गतिविधि रोकने की SEBI की कोई और योजना नहींः अनंत नारायण

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सेबी ने पिछले साल नवंबर में वायदा और विकल्प बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव भरे कारोबार पर लगाम के लिए प्रतिबंधों का एक सेट लागू किया था।

Last Updated- January 11, 2025 | 5:44 PM IST
SEBI

पूंजी बाजार नियामक सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण ने शनिवार को कहा कि नियामक डेरिवेटिव खंड में गतिविधि को रोकने या प्रतिबंधित करने के लिए कोई और कदम उठाने की योजना नहीं बना रहा है। नारायण ने कहा कि रिजर्व बैंक के पूर्व कार्यकारी निदेशक जी पद्मनाभन के नेतृत्व में एक विशेषज्ञ समूह प्रणाली को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है और कारोबारी सुगमता एवं बेहतर जोखिम प्रबंधन के लिए कुछ कदमों पर विचार किया जा रहा है।

नारायण ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा प्रवर्तित एनआईएसएम के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “इस समय सेबी की तरफ से डेरिवेटिव खंड में गतिविधियां रोकने के लिए कोई और कदम उठाने का कोई विचार नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सेबी ‘उपयुक्तता और अनुकूलता’ को लेकर ऐसा कोई कदम उठाने पर विचार नहीं कर रहा है जो यह निर्धारित करे कि डेरिवेटिव बाजार में कौन कारोबार कर सकता है।

सेबी ने पिछले साल नवंबर में वायदा और विकल्प बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव भरे कारोबार पर लगाम के लिए प्रतिबंधों का एक सेट लागू किया था। सेबी ने यह कदम पिछले तीन वर्षों में 93 प्रतिशत सौदों में पैसा गंवाने वाले निवेशकों के आंकड़े सामने आने के बाद उठाया था।

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सेबी के पू्र्णकालिक सदस्य ने कहा कि सेबी डेरिवेटिव के खिलाफ नहीं है और मूल्य निर्धारण और बाजार को गहरा बनाने में मददगार डेरिवेटिव को लेकर बदलाव केवल परामर्श के बाद ही पेश किए जाएंगे। बाजार नियामक के भीतर चर्चा किए जा रहे कुछ उपायों में डेरिवेटिव बाजार में जोखिम को बेहतर ढंग से मापने के लिए कदम शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “आपको आदर्श रूप से चाहिए कि नकद बाजार में मात्रा और गहराई अच्छी हो। इसी तरह डेरिवेटिव बाजार में भी मात्रा व्यापक होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि दोनों बाजारों की तरलता में किसी प्रकार का अंतर्सम्बंध हो।”

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First Published - January 11, 2025 | 5:44 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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