भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी ) ने मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) को प्रस्तावित कोयला एक्सचेंज कंपनी में निवेश करने की मंजूरी दे दी है। एमसीएक्स एक नई सहायक कंपनी योजना बना रहा है, जिसका नाम संभवतः एमसीएक्स कोल एक्सचेंज होगा।
एक्सचेंज ने एक बयान में कहा, नई इकाई के जरिये कोयला क्षेत्र में कदम रखने से एमसीएक्स की ऊर्जा क्षेत्र में मौजूदगी और भी व्यापक हो जाएगी। इसका मकसद कोयले की खरीद-बिक्री के लिए नियमन वाला एक ऐसा पारदर्शी और टेक्नॉलजी -आधारित बाजार मंच तैयार करना है, जो देश में कोयले की कीमतों के निर्धारण को ज्यादा कुशल और मजबूत बनाने में मदद करे।
एमसीएक्स की शुरू में अपनी सहायक कंपनी में 100 फीसदी हिस्सेदारी होगी। भविष्य में इसमें रणनीतिक साझेदार भी शामिल हो सकते हैं। कोल एक्सचेंज के मसौदा नियमों के अनुसार न्यूनतम नेटवर्थ की शर्तों को पूरा करने के लिए एमसीएक्स ने 100 करोड़ रुपये तक की पूंजी का वादा किया है।
एमसीएक्स ने बताया कि नई कंपनी तय समय पर भारत के कोयला नियंत्रक संगठन के पास आवेदन देगी। इससे पहले, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को कंपनी मामलों के मंत्रालय (एमसीए) से नैशनल कोल एक्सचेंज नाम की मंजूरी मिली है। उसे सेबी ने भी कोयला एक्सचेंज में निवेश के लिए मंजूरी दे दी है।
एनएसई ने शुरुआती तौर पर 100 करोड़ रुपये तक की पूंजी लगाने का वादा किया है। इस संस्था में उसकी 60 फीसदी हिस्सेदारी होगी जबकि बाकी 40 फीसदी हिस्सेदारी दूसरे शेयरधारकों को दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, एक्सचेंज करीब आधा दर्जन ऐसी संस्थाओं से बातचीत कर रहा है, जो इस कोल एक्सचेंज में साझेदार बन सकती हैं।