देश में बिजली बनाने की क्षमता लगातार बढ़ रही है और फिलहाल बिजली की कोई बड़ी कमी भी नहीं है। लेकिन अब सबसे बड़ी परेशानी बिजली पैदा करने की नहीं, बल्कि उसे सही समय पर सही जगह तक पहुंचाने की है। ट्रांसमिशन लाइनें समय पर तैयार नहीं हो रही हैं और ग्रिड कनेक्शन मिलने में भी देरी हो रही है। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी वजह से कई रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट अटक गए हैं और कंपनियां नए प्रोजेक्ट्स में निवेश करने से भी बच रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के मई 2026 के आंकड़े बताते हैं कि देश में बन रही 86 बड़ी ट्रांसमिशन परियोजनाओं में से 57 तय समय से औसतन 10 महीने पीछे चल रही हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत राजस्थान और गुजरात में है, जहां सोलर और विंड एनर्जी के बड़े प्रोजेक्ट लगाए जा रहे हैं। जमीन मिलने में देरी, वन मंजूरी और जरूरी उपकरण समय पर नहीं मिलने की वजह से ये काम अटक रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय करीब 128 गीगावाट बिजली परियोजनाएं ग्रिड कनेक्शन का इंतजार कर रही हैं। इनमें से करीब 60 गीगावाट ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनके लिए अभी तक ट्रांसमिशन नेटवर्क की योजना भी तैयार नहीं हुई है। यानी बिजली बनाने की तैयारी है, लेकिन उसे सप्लाई करने का रास्ता ही नहीं है। यही वजह है कि कई प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही अटक गए हैं।
ट्रांसमिशन की इस परेशानी का असर अब कंपनियों की रणनीति पर भी दिख रहा है। कई कंपनियां नए प्रोजेक्ट शुरू करने में देरी कर रही हैं और निवेश भी धीरे-धीरे कर रही हैं। अब उनका फोकस ऐसे प्रोजेक्ट्स पर है, जो बैटरी स्टोरेज के साथ हों और शाम के समय भी लगातार बिजली दे सकें। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 की पहली तिमाही में रिन्यूएबल एनर्जी की करीब 300 गीगावाट घंटे बिजली की कटौती हुई, जिसमें सबसे बड़ी वजह ट्रांसमिशन की कमी रही।
रिपोर्ट का कहना है कि दिन और शाम के समय बिजली की कीमतों में 7 से 8 रुपये प्रति यूनिट तक का अंतर है। इसका मतलब है कि बाजार में सबसे ज्यादा जरूरत ऐसी बिजली की है, जो शाम के समय भी लगातार मिल सके। इसी वजह से अब बैटरी स्टोरेज, राउंड द क्लॉक (RTC) और फर्म डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) जैसे प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है कि ट्रांसमिशन और ग्रिड की इस चुनौती का फायदा कुछ चुनिंदा कंपनियों को मिल सकता है। ब्रोकरेज ने NTPC को अपनी पहली पसंद बताया है। शेयर का मौजूदा भाव 356 रुपये है और 423 रुपये का टारगेट दिया गया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 19% की संभावित तेजी दिखाता है।
वहीं Adani Power पर भी BUY रेटिंग बरकरार रखी गई है। शेयर का मौजूदा भाव 227 रुपये है और 242 रुपये का टारगेट दिया गया है। यानी इसमें करीब 6.6% की संभावित बढ़त का अनुमान है।
| कंपनी | मौजूदा भाव | ब्रोकरेज रेटिंग | टारगेट प्राइस | संभावित तेजी |
|---|---|---|---|---|
| NTPC | ₹356 | BUY | ₹423 | करीब 19% |
| Adani Power | ₹227 | BUY | ₹242 | करीब 6.6% (लगभग 7%) |
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)