नए नियम और ज्यादा टैक्स से F&O ट्रेडिंग पर दबाव, ऑप्शंस कारोबार 45 महीने में सबसे कम
F&O Trading Volume: अगस्त में डेरिवेटिव बाजार में रोजाना के औसत अनुबंध 23 फीसदी घटकर लगभग 22.4 करोड़ रह गए। यह पिछले 13 महीनों का निचला स्तर है। इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में कुल ट्रेडिंग गतिविधियां लगातार तीसरे महीने घटीं, जिसका कारण नियामकीय बदलाव, ज्यादा प्रतिभूति लेनदेन कर यानी एसटीटी और कोलेटरल की बढ़ी हुई जरूरतों, […]
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टाटा संस की लिस्टिंग टालना मुश्किल, RBI के फैसले के बाद IPO से पहले करने होंगे ये बड़े बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने टाटा संस की मुख्य निवेश कंपनी (सीआईसी) का दर्जा खत्म करने की अर्जी नामंजूर कर दी है। इस कारण अब उसके लिए शेयर बाजार में सूचीबद्धता को टालना मुश्किल हो गया है। ऐसे में अब सबका ध्यान उस कानूनी और ढांचागत तैयारी पर है, जो टाटा समूह को आरंभिक सार्वजनिक […]
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लार्ज कैप का रुतबा घटा, मिड और स्मॉल कैप फंड में SIP निवेशकों का बढ़ा भरोसा; पर क्या है वजह?
पिछले पांच साल में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेश करने वालों का रुझान पारंपरिक लार्ज कैप और कर बचाने वाली श्रेणियों से हटकर व्यापक बाजार से जुड़ी श्रेणियों की ओर बढ़ा है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) और रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की हाल में जारी एम्फी-क्रिसिल फैक्टबुक 2026 के अनुसार इस साल […]
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Tata Sons IPO की बढ़ी संभावना! RBI से झटका मिलने के बाद अब क्या होगा अगला कदम?
Tata Sons IPO: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने टाटा संस की कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी यानी CIC का दर्जा छोड़ने की अर्जी खारिज कर दी है। इसके बाद टाटा संस के लिए शेयर बाजार में लिस्ट होने से बचना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। अब ध्यान उन कानूनी और ढांचागत तैयारियों पर है, जिन्हें नमक […]
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