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SAP के हर 10 में से 8 AI एजेंट बनाने में भारत की भूमिका, कंपनी ने बताए आंकड़े

SAP AI Agents India: एसएपी के वैश्विक पोर्टफोलियो में भारत की भूमिका निरंतर महत्त्वपूर्ण ढंग से बढ़ रही है। एसएपी लैब्स इंडिया की प्रबंध निदेशक सिंधु गंगाधरन ने बताया कि अब कंपनी के एआई व एआई पावर्ड एजेंटों के विकास…

Artificial Intelligence

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Last Updated: सितंबर 14, 2026 | 10:38 PM IST

SAP AI Agents India: एसएपी के वैश्विक पोर्टफोलियो में भारत की भूमिका निरंतर महत्त्वपूर्ण ढंग से बढ़ रही है। एसएपी लैब्स इंडिया की प्रबंध निदेशक सिंधु गंगाधरन ने बताया कि अब कंपनी के एआई व एआई पावर्ड एजेंटों के विकास व तैनाती (डिप्लॉयमेंट) के कुल शोध व विकास (आरऐंडडी) में देश के केंद्रों की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है।

गंगाधरन ने बताया कि बेंगलूरु, पुणे, हैदराबाद और अन्य शहरों के भारतीय कैंपस एसएपी के ग्राहकों के लिए बनाए जाने वाले लगभग 80 प्रतिशत एआई एजेंट्स के विकास व तैनाती में भी योगदान देते हैं। घरेलू बौद्धिक संपदा नवोन्मेष में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गंगाधरन ने कहा कि इससे पहले मई में एसएपी ने ग्राहकों के लिए एआई एजेंट बनाए जाने वाले क्षेत्रों को पहचाना था। इस क्रम में पांच प्रमुख क्षेत्र पहचाने गए थे। ये क्षेत्र थे : वित्त, आपूर्ति श्रृंखला, खर्च प्रबंधन, ग्राहक और मानव अनुभव।

उन्होंने कहा कि तब से एसएपी के पोर्टफोलियो में भारतीय केंद्रों की भूमिका बढ़ी है। इसका कारण यह है कि एसएपी लैब्स इंडिया में बड़ी संख्या में डोमेन विशेषज्ञ और उत्पाद मैनेजर्स हैं और इनकी इन पांच क्षेत्रों पर बारीक समझ है।

उन्होंने कहा, ‘एसएपी कंपनी हर साल जितने भी पेटेंट फाइल करती है, उनमें से लगभग 25 प्रतिशत इन केंद्रों की वजह से होते हैं। अगर मेरी टीम  में 1,000 लोग हैं और वे कोई नवोन्मेष नहीं कर रहे हैं तो उनका वहां होने का कोई मतलब नहीं है। एसएपी के लिए दुनिया भर में कई एआई नवोन्मेष करने में भारतीय टीम सबसे आगे हैं।’

गंगाधरन ने कहा कि ग्राहकों के मन में अपने नेटवर्क के लिए एडवांस्ड एआईI एजेंट्स को लागू करने को लेकर कुछ चिंताएं हैं – खासकर अपने वर्कफ्लो की सुरक्षा और बचाव को लेकर।

हालांकि एसएपी ने मजबूत प्लेटफ़ॉर्म आधारित एजेंट्स बनाए हैं। ये एजेंट्स अपने लिए तय किए गए नियमों के अनुसार काम करते हैं और अपने लिए तय की गई सीमाओं (सैंडबॉक्स) से बाहर नहीं जाते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम जो भी एआई एजेंट बनाते और लागू करते हैं, उसमें हम ग्राहक से फैसला लेने का अधिकार नहीं छीनते हैं। एजेंट्स सारा मैनुअल काम करते हैं, लेकिन अभी भी अंतिम फैसला इंसान ही लेता है।’

उन्होंने कहा कि ग्राहक के काम की अहमियत को देखते हुए एसएपी एआई एजेंट्स के विकास और उन्हें लागू करने के काम को प्रासंगिकता, भरोसे और ज़िम्मेदारी के नजरिए से भी देखता है। गंगाधरन ने कहा कि एसएपी के पूरे पोर्टफोलियो में एआई टूल्स और सर्विसेज के विकास में भारत की बढ़ती अहमियत तो है ही, इसके अलावा देश ने कंपनी के वैश्विक राजस्व में योगदान के मामले में भी बेहद तरक्की की है।

उन्होंने कहा, ‘इसमें कोई शक भी नहीं है कि भारत हमारे सबसे तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में से एक बना हुआ है। यह दुनिया भर में हमारे शीर्ष 10 बाजारों में से एक है।’ एसएपी ने अपने छोटे और मध्यम ग्राहक खंड पर ध्यान केंद्रित कर रखा है। इस ग्राहक खंड की कंपनी के वैश्विक पोर्टफोलियो में 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी है।

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