facebookmetapixel
Advertisement
कमजोर मॉनसून के अनुमान से FMCG कंपनियां सतर्क; बेचेंगी ज्यादा माल, कम बढ़ाएंगी दामएयरटेल को बड़ी राहत! ट्राई के शुरुआती रुख में नेट-न्यूट्रैलिटी नियमों के उल्लंघन से इनकारमारुति की छोटी कारों की बिक्री में 147% की जबरदस्त उछाल, उत्पादन सुधार और CNG मांग से बढ़तमोबिस इंडिया प्लांट में आग से ह्युंडै-किया के उत्पादन पर होगा असर! एक हफ्ते तक सप्लाई बाधित होने की आशंकावॉकहार्ट को जैयनिच से 1.5 अरब डॉलर की बिक्री की उम्मीद, शेयर में 21% की छलांगमई में यात्री वाहनों की बिक्री में 25.4% की जोरदार बढ़ोतरी, SUV और EV मांग में तेजी जारीब्याज दर बढ़ाना नहीं है समाधान, रुपया संभालने के लिए RBI को आजमाने कुछ नए विकल्पभारतीय बैंकों में बढ़ा अमीरों का दबदबा, टर्म डिपॉजिट जमा में बड़े जमाकर्ताओं की हिस्सेदारी हुई एक-तिहाईमई में GST संग्रह ने पकड़ी रफ्तार, 3.3% की बढ़त के साथ 1.67 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा राजस्व संग्रहEditorial: डिजिटल क्रांति के बीच RBI का प्लास्टिक नोट लाने का फैसला

Crude Oil: अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से तेल कीमतों में उछाल, कच्चा तेल 104 डॉलर के पार

Advertisement

तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी इसलिए हुई क्योंकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल सप्लाई अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है

Last Updated- May 11, 2026 | 8:59 AM IST
Crude Oil

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने को लेकर बातचीत विफल होने के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3 डॉलर बढ़कर 104.47 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 98.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

तेल की कीमतों में यह बढ़ोतरी इसलिए हुई क्योंकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल सप्लाई अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल व्यापार मार्गों में से एक है और यहां जारी तनाव से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो रही है।

ट्रंप ने ईरान के जवाब को बताया ‘अस्वीकार्य’

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान की ओर से दिए गए जवाब को ‘अस्वीकार्य’ बताया। इसके बाद यह उम्मीद कमजोर पड़ गई कि दोनों देशों के बीच पिछले 10 हफ्तों से जारी संघर्ष जल्द खत्म हो सकेगा।

चीन यात्रा पर टिकी बाजार की नजर

अब बाजार की नजर ट्रंप की इस हफ्ते होने वाली चीन यात्रा पर है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से ईरान मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। उम्मीद है कि चीन, ईरान पर दबाव डालकर युद्धविराम की दिशा में मदद कर सकता है।

दुनिया को दो महीनों में 1 अरब बैरल तेल का नुकसान

सऊदी अरामको के मुख्य कार्याधिकारी अमीन नासिर ने कहा कि पिछले दो महीनों में दुनिया को करीब 1 अरब बैरल तेल की कमी झेलनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि अगर तेल सप्लाई फिर शुरू भी हो जाए, तब भी बाजार को सामान्य होने में समय लगेगा।

ट्रैकिंग बंद कर निकल रहे तेल टैंकर

शिपिंग डेटा से पता चला है कि पिछले हफ्ते दो तेल टैंकर बिना ट्रैकिंग सिस्टम चालू किए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से निकले। माना जा रहा है कि ईरानी हमलों से बचने के लिए ऐसा किया गया। इससे पश्चिम एशिया से तेल निर्यात को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

Advertisement
First Published - May 11, 2026 | 8:59 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement