चेन्नई के बाहरी इलाके इरुनगट्टुकोट्टई में वाहन कलपुर्जा कंपनी मोबिस इंडिया के संयंत्र में रविवार शाम लगी भीषण आग का ह्युंडै मोटर इंडिया और किया इंडिया के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। यह असर कम से कम एक सप्ताह तक रह सकता है। मामले से जुड़े कई सूत्रों ने यह जानकारी दी है। आग रविवार को दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे मोबिस इंडिया के संयंत्र में लगी थी। कंपनी दक्षिण कोरिया से वाहन कलपुर्जों का आयात करने जैसे दूसरे विकल्पों पर विचार कर रही है।
ह्युंडै की श्रीपेरुम्बुदूर इकाई में ही अगर सात दिन तक उत्पादन रुका रहता है, तो रोजाना लगभग 2,300 वाहनों के उत्पादन के हिसाब से 16,100 से ज्यादा गाड़ियां कम बनेंगी। लगभग 10 लाख रुपये की औसत कीमत पर इन वाहनों की कीमत 1,600 करोड़ रुपये से ज्यादा बैठती है। हालांकि, इस आग का इन कंपनियों में से किसी की भी बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।
ह्युंडै मोटर के डीलरों के पास इस समय एक महीने तक का ज्यादा की इन्वेंट्री हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि मोबिस इंडिया, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा को भी कुछ कलपुर्जों की आपूर्ति कर रही है। लेकिन कंपनी ने इस संबंध में बिजनेस स्टैंडर्ड के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।
ह्युंडै मोटर ने सोमवार को एक्सचेंज को भेजी जानकारी में कहा कि इससे कार निर्माता के उत्पादन कार्यों में अस्थायी रुकावट आ सकती है। मोबिस इंडिया को करीब 20 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। ह्युंडै मोटर की निर्माण इकाई के पास मौजूद उसके तीन संयंत्रों में से एक प्रभावित हुआ है। फिलहाल, ह्युंडै की तलेगांव इकाई पर इसका असर पड़ने की आशंका नहीं है।
आंध्र प्रदेश में किआ इंडिया की अनंतपुर इकाई की सालाना उत्पादन क्षमता लगभग 300,000 वाहन है। अगर यह संयंत्र अपनी पूरी क्षमता से काम करता है, तो इसका रोजाना का उत्पादन लगभग 800 यूनिट तक पहुंच जाता है। हालांकि ह्युंडै और किआ, दोनों ही मुख्य पुर्जों के लिए लगभग पूरी तरह से मोबिस इंडिया पर निर्भर हैं।