म्युचुअल फंडों की सबसे बड़ी श्रेणी माने जाने वाले फ्लेक्सीकैप फंड वित्त वर्ष 2026 में सबसे लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरे। इन डाइवर्सिफाइड इक्विटी एमएफ योजनाओं ने पिछले साल करीब 90,000 करोड़ रुपये जुटाए, जो वित्त वर्ष 2025 के 76,860 करोड़ रुपये के आंकड़े से 16 प्रतिशत ज्यादा है।
पिछले दो साल में निवेशकों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी इस स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों में थी, लेकिन अब वे रैंकिंग में नीचे खिसक गए हैं। वित्त वर्ष 2026 में स्मॉलकैप फंडों में आने वाला पैसा 39 प्रतिशत घटकर 51,872 करोड़ रुपये रह गया, जबकि मिडकैप फंडों में शुद्ध निवेश 31 प्रतिशत कम हो गया।
मल्टी-ऐसेट फंड सबसे बड़े लाभार्थी के तौर पर उभरे, क्योंकि उनमें पूंजी निवेश करीब तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 65,200 करोड़ रुपये हो गया। इस कैटेगरी ने (जो इक्विटी, डेट और कमोडिटीज में निवेश करती है) सोने और चांदी में अपने निवेश की बदौलत इक्विटी योजनाओं को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया।
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) और सिल्वर ईटीएफ में भी निवेश में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली।
वित्त वर्ष 2026 के लिए 10 सबसे लोकप्रिय फंडों की सूची में लार्ज और मिडकैप फंड और मल्टीकैप फंड भी शामिल हैं, क्योंकि वे लगभग 30 प्रतिशत ज्यादा पूंजी निवेश जुटाने में कामयाब रहे। सूची में शीर्ष पर शामिल अन्य
श्रेणियों में सेक्टोरल और थीमेटिक फंड, लार्जकैप फंड और बैलेंस्ड एडवांटेज फंड शामिल थे। शुद्ध प्रवाह में भारी गिरावट के बावजूद ये योजनाएं इस सूची में जगह बनाने में कामयाब रहीं। इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स योजनाओं (ईएलएसएस) की चमक नई टैक्स व्यवस्था लागू होने के बाद से फीकी पड़ रही थी और उनमें साल के आखिर में 5,857 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। डिविडेंड यील्ड फंडों और कंजरवेटिव हाइब्रिड फंडों में भी शुद्ध निकासी दर्ज की गई।