facebookmetapixel
Advertisement
गुजरात की नई डेटा सेंटर नीति से पावर और सोलर सेक्टर में आएगा बूम? जानिए निवेशकों के लिए क्या है मौकाभारत के लिए राहत की खबर! रूस से तेल खरीदने पर 500% नहीं, अब 100% लगेगा टैरिफKusumgar IPO Listing: निवेशकों की हुई बल्ले-बल्ले! 37% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ आईपीओSBI Funds IPO Day 2: अब तक 78% भरा आईपीओ, दूसरे दिन GMP 15% ऊपर; कब होगी लि​स्टिंग?प​श्चिम ए​शिया में बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की फिर शुरू की नाकेबंदीसोना-चांदी हुए सस्ते; सोना ₹1,109 टूटा, चांदी ₹1,263 लुढ़कीVedanta AGM 2026 की 5 बड़ी बातें, निवेशक शेयरों की हलचल पर रखें नजरअमेरिकी महंगाई घटी, डॉलर इंडेक्स 101 के नीचे फिसला; फेड बोला, राजनीतिक दबाव में नहीं लेंगे फैसलाCuba Power Crisis: क्यूबा में फिर छाया अंधेरा! दो हफ्तों में तीसरी बार देशभर में ब्लैकआउट; ईंधन संकट बना बड़ी वजहStock Market Update: बाजार में तेजी जारी! Sensex 500 अंक चढ़ा, Nifty 24,200 के करीब; IT शेयरों में बिकवाली

म्यूचुअल फंड में फिर लौटा निवेशकों का भरोसा, कमोडिटी ETF को पछाड़ आगे निकले ऐक्टिव इक्विटी फंड

Advertisement

फरवरी से अप्रैल 2026 की अवधि के दौरान ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में करीब 15 लाख खाते या फोलियो जोड़े गए

Last Updated- May 17, 2026 | 10:18 PM IST
mutual fund
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

हाल के महीनों में ऐक्टिव इक्विटी योजनाएं एक बार फिर निवेशकों की पसंद बनकर उभरी हैं। नए फोलियो यानी खाते जोड़ने के मामले में कमोडिटी एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों (ईटीएफ) से कुछ समय पीछे रहने के बाद इन्होंने फिर से अपनी बढ़त बना ली है। फरवरी से अप्रैल 2026 की अवधि के दौरान ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं में करीब 15 लाख खाते या फोलियो जोड़े गए। इसके विपरीत, इसी अवधि में सोने और चांदी के ईटीएफ में नए फोलियो जोड़ने की गति में भारी गिरावट आई। अकेले अप्रैल में ही कमोडिटी ईटीएफ में लगभग 20,000 खातों की शुद्ध कमी देखी गई।

सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में रिकॉर्ड संख्या में नए फोलियो जुड़े थे। इसकी वजह सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी के बीच निवेशकों का इन कीमती धातुओं में निवेश के लिए तेजी से आगे आना रहा। इस दौरान कमोडिटी ईटीएफ ने तीन मौकों पर-अक्टूबर 2025, दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 – मासिक फोलियो जोड़ने के मामले में ऐक्टिव इक्विटी योजनाओं को पीछे छोड़ दिया। इस रुझान को इक्विटी बाज़ारों में अस्थिरता बढ़ने से भी मदद मिली। लिहाजा, ऐक्टिव इक्विटी फंडों में नए खाते खोलने की गति धीमी पड़ गई थी।

लेकिन हाल के महीनों में इक्विटी योजनाओं में फोलियो जोड़ने की रफ्तार बढ़ी है क्योंकि बाजार में आई गिरावट ने निवेशकों को निवेश के आकर्षक अवसर दिए हैं। नए फोलियो जोड़ने में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी फ्लेक्सीकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप फंडों की रही।

Advertisement
First Published - May 17, 2026 | 10:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement