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वित्त वर्ष 2023-24 में मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने दिया शानदार रिटर्न

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एक विश्लेषण के अनुसार, बीएसई मिड-कैप सूचकांक वित्त वर्ष 2023-24 में 15,013.95 अंक या 62.38 प्रतिशत उछल गया, जबकि स्मॉल-कैप 16,068.99 अंक या 59.60 प्रतिशत चढ़ा।

Last Updated- March 29, 2024 | 4:41 PM IST
BSE gets Sebi approval for derivatives on BSE Focused Midcap index
Representative Image

बीएसई के मिड-कैप और स्मॉल-कैप सूचकांक में सूचीबद्ध मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों ने 2023-24 में करीब 62 प्रतिशत रिटर्न (प्रतिफल) दिया है। मिड-कैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन सेंसेक्स से बेहतर रहा है। यह देश में मजबूत वृहद आर्थिक परिस्थितियों और विभिन्न कंपनियों के तिमाही नतीजे बेहतर रहने के बीच निवेशकों की उत्साहपूर्ण भावना को दर्शाता है।

एक विश्लेषण के अनुसार, बीएसई मिड-कैप सूचकांक वित्त वर्ष 2023-24 में 15,013.95 अंक या 62.38 प्रतिशत उछल गया, जबकि स्मॉल-कैप 16,068.99 अंक या 59.60 प्रतिशत चढ़ा। इसकी तुलना में, समीक्षाधीन वित्त वर्ष में 30 शेयर वाले बीएसई सेंसेक्स ने 14,659.83 अंक या 24.85 प्रतिशत बढ़त हासिल की।

हेज फंड हेडोनोवा में सीआईओ सुमन बनर्जी ने कहा, ‘‘ निवेशकों की भावना में यह बदलाव भारत में मजबूत व्यापक आर्थिक स्थितियों से प्रेरित है, यह परंपरागत रूप से आर्थिक विस्तार की अवधि के दौरान छोटी कंपनियों के शेयरों में त्वरित वृद्धि को बढ़ावा देता है।’’

व्यापक बाजार ने वित्त वर्ष 2023-24 में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। 31 मार्च, 2023 को अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर 23,881.79 अंक पर फिसलने के बाद बीएसई मिडकैप सूचकांक आठ फरवरी को 40,282.49 के अपने स्तर पर पहुंच गया। बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक सात फरवरी को अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 46,821.39 पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल 31 मार्च को यह 52-सप्ताह के निचले स्तर 26,692.09 अंक पर आ गया था।

बीएसई का 30 शेयर वाला सेंसेक्स इस साल सात मार्च को 74,245.17 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुनील न्याति ने कहा, ‘‘ चालू वित्त वर्ष में सेंसेक्स की तुलना में छोटी कंपनी के शेयरों का बेहतर प्रदर्शन भारतीय घरेलू बाजार की गतिशील प्रकृति और निवेशकों को प्रदान किए जाने वाले विविध अवसरों को दर्शाता है।’’

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, छोटी कंपनियों के शेयर आमतौर पर स्थानीय निवेशकों द्वारा खरीदे जाते हैं, जबकि विदेशी निवेशक बड़ी कंपनियों के शेयर पर ध्यान केंद्रित करते हैं। वित्त वर्ष 2022-23 में बीएसई सेंसेक्स 423.01 अंक या 0.72 प्रतिशत चढ़ा था। हालांकि, बीएसई स्मॉल-कैप सूचकांक 1,258.64 अंक या 4.46 प्रतिशत गिरा था, जबकि मिडकैप में 42.38 अंक या 0.17 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई थी।

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First Published - March 29, 2024 | 4:41 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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