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Marico ने Q3 FY26 में स्थिर मांग और मार्जिन सुधार के संकेत दिए, निवेशकों की बढ़ीं उम्मीदें

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कमी के अलावा मुद्रास्फीति में नरमी और खोपरा की कीमतों में गिरावट से मार्जिन में सुधार हो सकता है

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देवांशु दत्ता   
Last Updated- January 06, 2026 | 9:36 PM IST

वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए अपने परिचालन अपडेट में मैरिको आशावादी नजर आई। इस तिमाही के दौरान एफएमसीजी क्षेत्र में स्थिर मांग के रुझान देखे गए और कंपनी ने ब्रांड निर्माण और पोर्टफोलियो विविधीकरण में निवेश जारी रखा।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कमी के अलावा मुद्रास्फीति में नरमी और खोपरा की कीमतों में गिरावट से मार्जिन में सुधार हो सकता है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में राजस्व वृद्धि सालाना आधार पर 20 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है। घरेलू वॉल्यूम में वृद्धि सालाना आधार पर एक अंक में है। पैराशूट ने अपनी जमीन कायम रखी, हालांकि वॉल्यूम में मामूली गिरावट आई, जिसकी भरपाई मूल्य वृद्धि से हुई जबकि सैफोला ऑयल्स का प्रदर्शन सुस्त रहा।

लेकिन वैल्यू-एडेड हेयर ऑयल ने 20 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की, जिसमें मिड-प्रीमियम सेगमेंट का दमदार प्रदर्शन और जीएसटी को तर्कसंगत बनाए जाने का योगदान रहा। डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स सहित प्रीमियम पर्सनल केयर उत्पादों ने भी उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया। अगले छह महीनों में खाद्य क्षेत्र में भी ज्यादा वृद्धि की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय कारोबार में भी मजबूत रफ्तार देखी गई, जिसमें स्थिर मुद्रा वृद्धि 20 फीसदी की शुरुआती दर पर रही और बांग्लादेश ने एक सकारात्मक आश्चर्य पेश किया।

वियतनाम और दक्षिण अफ्रीका में दो अंकों में वृद्धि दर्ज की गई। कच्चे माल के मोर्चे पर खोपरा की कीमतों में उच्चतम स्तर से 30 फीसदी की गिरावट आई है और इनमें और गिरावट आने की संभावना है। वनस्पति तेल की कीमतें ऊंची हैं, लेकिन कच्चे तेल से बने उत्पादों की लागत में गिरावट आई है। सकल मार्जिन में क्रमिक रूप से सुधार होने की उम्मीद है, जो वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था।

परिचालन लाभ में सालाना आधार पर दो अंकों में वृद्धि होने की उम्मीद है, जो अनुमानों के अनुरूप है और वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में एक अंक की वृद्धि से बेहतर है। इनपुट कीमतों में नरमी के अलावा, मैरिको खाद्य पदार्थों, डिजिटल-टू-कंज्यूमर (डी2सी) और वीएएचओ में उच्च वृद्धि दर जैसे अन्य मार्जिन कारकों का लाभ उठा सकती है, जिससे वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के दौरान आय में वृद्धि हो सकती है।

इसलिए, मैरिको अपने पूरे साल के राजस्व लक्ष्य को सालाना आधार पर 25 फीसदी से ज्यादा हासिल करने की राह पर है। वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में मार्जिन में सुधार देखने को मिलेगा, जबकि पहली छमाही में खोपरा की कीमतों में भारी मुद्रास्फीति के कारण मार्जिन प्रभावित हुआ था।

खोपरा की कीमतों में गिरावट और कच्चे तेल के डेरिवेटिव बास्केट की कीमतों में कमी सकारात्मक संकेत हैं। संभव है कि वित्त वर्ष 2026 में मार्जिन में, वित्त वर्ष 2025 की तुलना में कुछ कमी आए, लेकिन दूसरी छमाही में हुई रिकवरी से पूरे वर्ष की गिरावट कम हो जाएगी और वित्त वर्ष 2027 तक मार्जिन में लगातार सुधार की उम्मीद है। कंपनी पोर्टफोलियो विविधीकरण को रफ्तार देने के लिए विपणन जारी रखेगी।

उच्च मार्जिन वाले वैल्यू-एडेड हेयर ऑयल कारोबार में ज्यादा वृद्धि और खाद्य पदार्थों के कारोबार में विस्तार की उम्मीद है। प्रीमियम पर्सनल केयर में भी विस्तार होने की संभावना है और  वर्तमान में यह एकीकृत बिक्री में 16-17 फीसदी का योगदान करता है। लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 में उच्च एकअंकीय से निम्न दो-अंकीय मार्जिन हासिल करना है ताकि सकल और परिचालन मार्जिन को बढ़ाया जा सके।

विश्लेषक वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में एकीकृत बिक्री में 27-28 फीसदी की सालाना वृद्धि के सर्वसम्मत अनुमान की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें भारत में बिक्री के वॉल्यूम में लगभग 7.5 फीसदी की वृद्धि शामिल है। 

First Published : January 6, 2026 | 9:36 PM IST