Purple Style Labs IPO Listing: पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयरों ने 7 सितंबर को शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत की। कंपनी के शेयर NSE पर ₹535 और BSE पर ₹539 के भाव पर लिस्ट हुए, जो ₹575 के इश्यू प्राइस से क्रमशः 6.96 फीसदी और 6.26 फीसदी कम है। हालांकि, लिस्टिंग के बाद शेयर में रिकवरी देखने को मिली। सुबह 11:14 बजे NSE पर पर्पल स्टाइल लैब्स का शेयर ₹559.40 पर कारोबार करता दिखा। यह ओपनिंग प्राइस से ₹24.40 यानी 4.56 फीसदी ऊपर था, लेकिन अभी भी इश्यू प्राइस से ₹15.60 यानी 2.71 फीसदी नीचे था।
पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयर NSE पर ₹535 के भाव पर लिस्ट हुए। वहीं, BSE पर इसकी शुरुआत ₹539 से हुई। लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और NSE पर भाव बढ़कर ₹559.40 तक पहुंच गया। हालांकि, इस स्तर पर भी शेयर अपने ₹575 के इश्यू प्राइस से नीचे कारोबार कर रहा था।
लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹4,315.29 करोड़ रहा।
कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग ग्रे मार्केट के संकेतों से भी कमजोर रही। 7 सितंबर की सुबह ग्रे मार्केट में शेयर करीब 2 फीसदी के डिस्काउंट पर लिस्ट होने का संकेत दे रहे थे, लेकिन वास्तविक लिस्टिंग इससे ज्यादा कमजोर रही।
पर्पल स्टाइल लैब्स के IPO को कुल मिलाकर 1.29 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी ने करीब 68.49 लाख शेयर ऑफर किए थे, जबकि निवेशकों की ओर से लगभग 88.66 लाख शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.58 गुना सब्सक्राइब हुआ। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में 1.43 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स यानी NII का हिस्सा 84 फीसदी ही सब्सक्राइब हो पाया।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड के चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ. रवि सिंह ने Purple Style Labs Limited के शेयरों की कमजोर लिस्टिंग पर कहा कि कंपनी के शेयरों ने आज भारतीय शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत की। इसके शेयर NSE पर ₹535 के भाव पर लिस्ट हुए, जो ₹575 के इश्यू प्राइस से 6.96 फीसदी कम है। वहीं, BSE पर शेयर ₹539 पर सूचीबद्ध हुए, यानी इश्यू प्राइस से 6.26 फीसदी की गिरावट के साथ।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने फरवरी 2018 में Pernia’s Pop-Up Shop (PPUS) का अधिग्रहण किया था। उस समय यह मुख्य रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म था। आज PPUS भारत के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते मल्टी-ब्रांड लग्जरी ओम्नी-चैनल फैशन प्लेटफॉर्म्स में शामिल है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में राजस्व के आधार पर मजबूत स्थिति बनाई है और भारत के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भी इसका ग्राहक आधार है।
डॉ. सिंह के मुताबिक, PPUS अपने ग्राहकों को एक्सपीरियंस सेंटर, वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टेलीफोन और डिजिटल सेल्स चैनल के अलावा इवेंट्स और एग्जीबिशन के जरिए सेवाएं देता है। 31 मार्च 2026 तक प्लेटफॉर्म पर 1,109 एक्टिव डिजाइनर ब्रांड्स उपलब्ध थे। कंपनी के दुनियाभर में 14 एक्सपीरियंस सेंटर हैं, जिनमें 12 भारत में और एक-एक लंदन और न्यूयॉर्क में हैं। इनमें बड़े फॉर्मेट वाले एक्सपीरियंस सेंटर प्रमुख लग्जरी बाजारों में 20,000 से 60,000 वर्ग फुट तक के क्षेत्र में फैले हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारत का लग्जरी बाजार तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे बढ़ती आय, विवेकाधीन खर्च में बढ़ोतरी और मध्यम व उच्च आय वर्ग की बदलती पसंद और आकांक्षाएं प्रमुख कारण हैं। वित्त वर्ष 2026 में भारतीय लग्जरी बाजार का आकार करीब ₹1,499 अरब रहा, जिसके वित्त वर्ष 2031 तक बढ़कर ₹2,570 अरब पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान बाजार के करीब 11 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ने की उम्मीद है।
डॉ. सिंह ने कहा कि शेयर की कमजोर लिस्टिंग से निकट अवधि में निवेशकों की धारणा पर दबाव बना रह सकता है। कीमत में स्थिरता आने तक नए निवेशक निवेश करने से इंतजार कर सकते हैं। आगे कंपनी का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि वह विकास की रफ्तार बनाए रखने, मुनाफे में सुधार करने और नकदी प्रवाह मजबूत करने में कितनी सफल होती है।
पर्पल स्टाइल लैब्स ने IPO के लिए ₹546 से ₹575 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। कंपनी का पूरा ₹680 करोड़ का इश्यू फ्रेश इक्विटी शेयरों पर आधारित था। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल नहीं था।
ऊपरी प्राइस बैंड ₹575 के हिसाब से IPO के जरिए कंपनी का वैल्यूएशन ₹4,600 करोड़ से ज्यादा बैठता है।
कंपनी IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी PSL Retail में निवेश करेगी।
कंपनी ने बताया है कि करीब ₹371.13 करोड़ का इस्तेमाल भारत में एक्सपीरियंस सेंटर और बैक-एंड ऑफिस से जुड़ी लीज देनदारियों के लिए किया जाएगा। वहीं, करीब ₹138.90 करोड़ बिक्री और मार्केटिंग से जुड़े खर्चों पर खर्च किए जाएंगे। बची हुई राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए होगा।
IPO खुलने से पहले पर्पल स्टाइल लैब्स ने 28 अगस्त 2026 को एंकर निवेशकों से ₹305.99 करोड़ जुटाए थे। कंपनी के बोर्ड ने 10 एंकर निवेशकों को ₹575 प्रति शेयर की कीमत पर कुल 53.21 लाख शेयर आवंटित किए थे।
अगस्त 2015 में स्थापित Purple Style Labs Limited एक मल्टी-ब्रांड लग्जरी ओम्नी-चैनल फैशन प्लेटफॉर्म है। कंपनी Pernia’s Pop-Up Shop (PPUS) ब्रांड के तहत काम करती है और महिलाओं व पुरुषों के कपड़ों के अलावा ज्वेलरी, एक्सेसरीज और बच्चों के परिधानों सहित कई तरह के लग्जरी फैशन प्रोडक्ट उपलब्ध कराती है। कंपनी का खास फोकस वेडिंग और खास मौकों के लिए पहने जाने वाले परिधानों पर है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 1,109 एक्टिव डिजाइनर ब्रांड्स मौजूद थे। इनमें Seema Gujral, Anushree Reddy, Amit Aggarwal और Rohit Gandhi & Rahul Khanna जैसे डिजाइनर शामिल हैं।
Purple Style Labs का कारोबार ओम्नी-चैनल मॉडल पर आधारित है। कंपनी एक्सपीरियंस सेंटर, वेबसाइट, मोबाइल ऐप, टेलीफोन और डिजिटल सेल्स चैनल के अलावा इवेंट्स और एग्जीबिशन के जरिए ग्राहकों तक पहुंचती है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी के दुनियाभर में 14 एक्सपीरियंस सेंटर थे। इनमें 12 भारत में और एक-एक लंदन और न्यूयॉर्क में स्थित थे।
वित्त वर्ष 2024 से 2026 के दौरान कंपनी ने 2 लाख से ज्यादा यूनिक ग्राहकों को सेवाएं दीं। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कुल PPUS GMV ₹7,215.62 मिलियन रहा, जबकि औसत ऑर्डर वैल्यू ₹75,504.88 थी।
कंपनी भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, मिडिल ईस्ट, ऑस्ट्रेलिया और अन्य बाजारों में भी ग्राहकों को सेवाएं देती है। इसका प्लेटफॉर्म ग्राहकों को भारतीय लग्जरी फैशन डिजाइनरों के प्रोडक्ट उपलब्ध कराने के साथ डिजाइनर ब्रांड्स को बिना अपना अलग रिटेल और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बनाए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने में मदद करता है।
कंपनी के प्रमोटर, होल-टाइम डायरेक्टर और CEO अभिषेक अग्रवाल हैं। 31 मार्च 2026 तक कंपनी में 1,266 स्थायी कर्मचारी कार्यरत थे।