Pranav Constructions IPO: मुंबई के रियल एस्टेट और खासकर री-डेवलपमेंट सेगमेंट में काम करने वाली Pranav Constructions के शेयर मंगलवार, 15 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहे हैं। कंपनी के IPO को निवेशकों की ओर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी और इश्यू कुल 121 गुना सब्सक्राइब हुआ। लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में भी शेयरों की मजबूत मांग देखने को मिल रही है।
Pranav Constructions के IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP करीब 36 फीसदी बताया जा रहा है। ग्रे मार्केट पर कंपनी के शेयर ₹169 के आसपास कारोबार कर रहे थे। IPO का अपर प्राइस बैंड ₹124 था। इस तरह GMP ₹45 यानी करीब 36.29 फीसदी का प्रीमियम दर्शाता है।
हालांकि, GMP अनऑफिशियल मार्केट का संकेतक है और यह शेयर की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता।
Pranav Constructions का IPO 7 सितंबर से 9 सितंबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। NSE के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के ऑफर में 2,718.04 मिलियन शेयरों के लिए बोलियां मिलीं, जबकि कुल 22.46 मिलियन शेयर ही बिक्री के लिए उपलब्ध थे।
इस तरह IPO कुल 121 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी की मुंबई के वेस्टर्न सबर्ब्स में मजबूत मौजूदगी और री-डेवलपमेंट कारोबार में लंबे समय की संभावनाओं को देखते हुए निवेशकों की दिलचस्पी काफी अधिक रही।
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IPO के दौरान संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा रुचि दिखाई। Qualified Institutional Buyers यानी QIB कैटेगरी 258.71 गुना सब्सक्राइब हुई।
वहीं Non-Institutional Investors यानी NII हिस्से को 231.48 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। रिटेल निवेशकों का हिस्सा भी 43.33 गुना सब्सक्राइब हुआ।
Pranav Constructions का यह IPO कुल ₹351 करोड़ का था। इसमें ₹316 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹35 करोड़ का ऑफर फॉर सेल शामिल था।
कंपनी ने IPO के लिए शेयर का प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 तय किया था। निवेशकों को एक लॉट में 120 शेयरों के लिए आवेदन करना था।
IPO में 40 फीसदी हिस्सा QIB, 15 फीसदी NII और 45 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित था।
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी कई जरूरी कामों के लिए करेगी। इसमें सरकारी मंजूरियों से जुड़े खर्च, री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स पर होने वाला खर्च, मौजूदा कर्ज का भुगतान और भविष्य के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को फंड करना शामिल है। इसके अलावा कुछ राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल की जाएगी।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच अपने रेवेन्यू और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स यानी PAT में करीब 30 से 34 फीसदी की CAGR ग्रोथ दर्ज की है। इस दौरान कंपनी की लाभप्रदता में भी सुधार हुआ है और EBITDA मार्जिन बढ़कर 17.2 फीसदी हो गया।
Pranav Constructions के शेयर 15 सितंबर को BSE और NSE दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे।