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Aviation sector: इंडिगो की वापसी, लेकिन पश्चिम एशिया संकट और महंगा ईंधन बना खतरा

जनवरी में 1.52 करोड़ यात्रियों के साथ घरेलू ट्रैफिक बढ़ा और इंडिगो ने 63.6% बाजार हिस्सेदारी दोबारा हासिल की, मगर फरवरी में रफ्तार धीमी

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- March 03, 2026 | 9:02 AM IST

Indian Aviation Sector में जनवरी 2026 में एक तरफ राहत की खबर आई, तो दूसरी तरफ नए संकट के बादल भी मंडराने लगे। ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो के ऑपरेशन सामान्य होने से जनवरी में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 4% सालाना और 7% महीने-दर-महीने बढ़कर 1.52 करोड़ तक पहुंच गई। दिसंबर 2025 में आई ऑपरेशनल दिक्कतों के बाद यह इंडिगो की मजबूत वापसी मानी जा रही है। लेकिन फरवरी के शुरुआती आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि यह रफ्तार ज्यादा लंबी नहीं चल पाई। फरवरी में यात्री वृद्धि घटकर करीब 2% सालाना रह गई है।

इंडिगो की जोरदार वापसी, बाकी एयरलाइंस पिछड़ीं

जनवरी में सबसे बड़ा फायदा इंडिगो को मिला। कंपनी ने 4 प्रतिशत अंक की छलांग लगाते हुए अपनी बाजार हिस्सेदारी 63.6% तक पहुंचा दी, जो नवंबर 2025 के स्तर के बराबर है। इसके उलट बाकी एयरलाइंस फिसलती नजर आईं। एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी 3.1 प्रतिशत अंक घटकर 26.5% रह गई। स्पाइसजेट और अकासा की हिस्सेदारी भी घटकर क्रमश: 3.9% और 4.8% पर आ गई। यानी घरेलू आसमान में इंडिगो का दबदबा और मजबूत हो गया है।

सीटें खाली, लेकिन समय पर उड़ान में सुधार

जनवरी में सीट भराव दर में गिरावट दिखी। एयर इंडिया समूह की दर घटकर 86.5% पर आ गई। अकासा 93.2% और स्पाइसजेट 85.9% पर रहे। इंडिगो की दर भी हल्की गिरावट के साथ 87.7% रही। हालांकि अच्छी खबर यह रही कि समय पर उड़ानों का प्रदर्शन सुधरा। इंडिगो 70.9% के साथ सबसे समयनिष्ठ एयरलाइन रही। एयर इंडिया समूह 69.6% पर रहा। सबसे बड़ी राहत उड़ान रद्द होने के मामलों में आई। इंडिगो की रद्द दर 9.65% से गिरकर 1.25% पर आ गई। अकासा की रद्द दर सबसे कम 0.41% रही।

ईंधन महंगा, मुनाफे पर दबाव

लेकिन एविएशन कंपनियों के लिए असली चिंता ईंधन की कीमत है। मार्च 2026 के लिए विमान ईंधन की कीमत 6% बढ़ाकर दिल्ली में 96.6 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। कच्चे तेल की कीमत में करीब 8% तेजी इसका मुख्य कारण है। ईंधन महंगा होने से एयरलाइंस की लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर दबाव पड़ेगा।

पश्चिम एशिया संकट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें ठप

इसी बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने हालात और पेचीदा कर दिए हैं। कई देशों का हवाई क्षेत्र असुरक्षित हो गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने 2 मार्च तक 11 देशों से बचने की सलाह दी है। 1 मार्च की आधी रात तक भारतीय एयरलाइंस करीब 179 उड़ानें रद्द कर चुकी हैं। एयर इंडिया समूह ने 86 और इंडिगो ने 72 उड़ानें रद्द कीं। एयर इंडिया ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप के लिए 20 लंबी दूरी की उड़ानें भी रद्द की हैं। अगर यह तनाव लंबा चला, तो और उड़ानें रद्द हो सकती हैं। रास्ता बदलने से उड़ान का समय और ईंधन खर्च बढ़ेगा। ऐसे में पहले से महंगे हो चुके ईंधन के बीच एयरलाइंस की कमाई पर डबल मार पड़ सकती है

First Published : March 3, 2026 | 8:49 AM IST