भारत के विमानन क्षेत्र (एविएशन सेक्टर) पर इस समय दबाव बढ़ गया है। ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, डीजीसीए का नया नियम आया है और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से एयरलाइंस कंपनियों की कमाई पर असर पड़ रहा है। साल 2026 की शुरुआत से इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) का शेयर करीब 15.2% गिरा है, जबकि स्पाइसजेट का शेयर 55.14% टूट चुका है। इसके मुकाबले सेंसेक्स में 10.7% की गिरावट आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी गिरावट रुकने के संकेत नहीं हैं।
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज (Emkay Global Financial Services) के विश्लेषकों के अनुसार, ईरान से जुड़े युद्ध के कारण पश्चिम एशिया का बड़ा हिस्सा उड़ानों के लिए सुरक्षित नहीं रहा। इससे कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और कई का रास्ता बदलना पड़ा। इससे उड़ान का समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं, जिससे कंपनियों का मुनाफा घट सकता है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों पर सबसे ज्यादा दबाव है। ब्रेंट तेल भले 120 डॉलर से घटकर 100 डॉलर प्रति बैरल आया है, लेकिन आगे क्या होगा, यह साफ नहीं है।
स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा के मुताबिक, एयरलाइंस ने ₹400 से ₹16,600 तक अतिरिक्त ईंधन शुल्क लगाया है, लेकिन इससे पूरी लागत की भरपाई नहीं हो पा रही। एटीएफ (एविएशन फ्यूल) की कीमतें 85% तक बढ़ चुकी हैं। यह कंपनियों के कुल खर्च का करीब 30-35% हिस्सा होता है। इसलिए आने वाले तिमाहियों में मुनाफा और घट सकता है।
डीजीसीए ने एयरलाइंस को कहा है कि 60% सीटें बिना अतिरिक्त शुल्क के देनी होंगी। अंबरीश बालिगा के अनुसार, इससे सीट चयन से होने वाली कमाई पर असर पड़ेगा। इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक जी चोक्कालिंगम ने कहा कि अगर यह नियम स्थायी हो गया, तो यह उद्योग के लिए गंभीर नुकसानदायक हो सकता है।
अंबरीश बालिगा का कहना है कि निवेशकों को अभी इन शेयरों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि आने वाले कुछ तिमाहियों में असर दिखेगा।
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के निदेशक क्रांति बाथिनी के अनुसार, खासकर छोटे समय के निवेशकों को इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिगो का मूल्यांकन अभी भी महंगा है (पी/ई 37 गुना) और तेल की कीमतें सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई हैं।
हालांकि, जी चोक्कालिंगम का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशक गिरावट में खरीदारी पर विचार कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।