कर्ज संकट के बाद फ्रैंकलिन ने पेश की पहली योजना

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 5:16 PM IST

फ्रैंकलिन टेम्पलटन म्युचुअल फंड ने फ्रैंकलिन इंडिया बैलेंस्ड एडवांटेज फंड पेश करने की घोषणा की है। अप्रैल 2020 में अपनी छह डेट योजनाएं बंद करने के बाद नियामकीय संकट से जूझने वाली अमेरिकी परिसंपत्ति प्रबंधक की यह पहली पेशकश है।
फ्रैंकलिन टेम्पलटन के प्रबंध निदेशक और मुख्य निवेश अधिकारी (इमर्जिंग मार्केट इक्विटी-भारत) आनंद राधाकृष्णन ने कहा, हम प्रदर्शन में सुधार के जरिये परिसंपत्ति बढ़ाने में विश्वास करते हैं। यह ऐसी श्रेणी है जो बड़ी है और हम इसमें मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इक्विटी श्रेणी में आखिरी एनएफओ फंड हाउस ने 10 साल पहले पेश किया था।
बैलेंस्ड एडवांटेज फंड सबसे बड़ी योजनाओं की श्रेणी में से एक है और इसकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 1.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।
एनएफओ पर निवेशकों की प्रतिक्रिया पर उद्योग की नजर  रहेगी  ताकि निवेशकों की अवधारणा पर पड़ी नियामकीय परेशानी के असर का आकलन किया जा सके।
फ्रैंकलिन टेम्पलटन इंडिया के अध्यक्ष अविनाश सतवालेकर ने  कहा, हम भारत में बढ़त का नया अध्याय शुरू करने की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं और फ्रैंकलिन इंडिया बैलेंस्ड एडवांटेज फंड की पेशकश इस बाबत कई कदमों में एक का प्रतिनिधित्व कर रही है। उन्होंने कहा कि फंड हाउस के ब्रांड की छवि को धक्का लगा है और हम निवेशकों का भरोसा दोबारा हासिल करने  के लिए कदम उठा रहे हैं।
फरवरी 2022 में संजय सप्रे की जगह फंड हाउस के प्रमुख का पदभार संभालने वाले सतवालेकर ने भारतीय बाजार  को लेकर फ्रैंकलिन टेम्पलटन की प्रतिबद्ध‍ता को दोहराया। उन्होंने  कहा, हम साफ तौर पर कहना चाहते हैं कि हम भारत नहीं छोड़ रहे।
पिछले साल अफवाह थी कि फ्रैंकलिन के खिलाफ नियामक के सख्त कदम के बाद फंड हाउस भारत से निकासी कर सकता है।
जून  2021 में बाजार नियामक सेबी ने फंड हाउस पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था और छह योजनाओं के  परिचालन में हुई अनियमितता पर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई जमा कराने का निर्देश दिया था, जिसे फंड  हाउस ने अप्रैल 2020 में बंद किया था। नियामक ने फंड हाउस को 22 महीने तक निवेश प्रबंधन व सलाहकारी शुल्क के तौर वसूली गई 450 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम लौटाने का निर्देश भी दिया था। इसके अलावा सेबी ने कथित अनियमितता का हवाला देते हुए फंड हाउस पर दो साल तक नई डेट योजना पेश करने पर रोक लगा दी थी।
फंड हाउस ने सेबी के आदेश को सैट में चुनौती दी है, जिस पर जल्द ही दलील शुरू हो सकती है। इस बीच, फंड हाउस को सैट से अंतरिम राहत मिली है, जिसमें नई योजनाओं की पेशकश पर पाबंदी हटाना शामिल है।
फंड हाउस ने कहा है कि वह नियामकीय मसलों के समाधान तक नई फिक्स्ड इनकम स्कीम पेश नहीं करेगा। प्रस्तावित नई योजना इक्विटी श्रेणी में आती है।
यह एनएफओ 16 अगस्त को खुलकर 30 अगस्त को बंद होगा। इस महीने एनएफओ की पेशकश से पाबंदी हटने के बाद  विभिन्न फंड हाउस ने नई योजनाएं पेश की हैं।

First Published : July 27, 2022 | 1:18 AM IST