facebookmetapixel
Advertisement
SIP करने वालों के लिए बड़ा अपडेट! PGIM India MF ने 3 विदेशी फंड्स में नए एसआईपी पर लगाई रोकNFO Alert: टॉप-20 सीमेंट कंपनियों में निवेश का मौका, Groww MF लाया नया ETF; ₹500 से निवेश शुरूव्हाट्सएप के नए ‘यूजरनेम’ फीचर पर सरकार का कड़ा रुख, आज देना होगा जवाबबाल शोषण कंटेट मामले में मेटा के जवाब के बाद सरकार लेगी एक्शन: आईटी सचिवमहाराष्ट्र में UCC लागू करने की तैयारी, विंटर सेशन में आ सकता है बिलITR भरने के बाद कितने दिन में खाते में आता है रिफंड? जानें देरी की वजहें और क्या कहते हैं एक्सपर्टTCS Q1FY27 Results: मुनाफा 5% बढ़कर ₹13,349 करोड़, ₹12 के डिविडेंड का ऐलानचॉइस इंटरनेशनल को NHIS से ₹900 करोड़ का निवेश, ब्रोकिंग कारोबार को मिलेगी नई रफ्तारQ1 Preview: Reliance रहेगा नरम, ONGC-OIL को फायदा! ग्लोबल ब्रोकरेज ने बताए टॉप पिकEPFO वेबसाइट नहीं खुल रही? 15 जुलाई तक मिलेगा ब्याज, तब तक इन तरीकों से करें PF बैलेंस चेक

₹20 करोड़ से बड़े बॉन्ड इश्यू के लिए EBP सिस्टम अनिवार्य, REITs और InvITs भी आए दायरे में: SEBI

Advertisement

अभी तक 50 करोड़ रुपये या इससे अधिक के निर्गम आकार वाली बॉन्ड प्रतिभूतियों के सभी निजी नियोजन के लिए यह तंत्र अनिवार्य था।

Last Updated- May 18, 2025 | 9:58 PM IST
SEBI

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 20 करोड़ रुपये या उससे अधिक के बॉन्ड निर्गम के निजी नियोजन के लिए इलेक्ट्रानिक बुक व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही नियामक ने मंच का दायरा बढ़ाकर इसमें रीट और इनविट को भी शामिल कर दिया है। एक कार्य समूह की सिफारिशों और सार्वजनिक प्रतिक्रिया के आधार पर उठाए गए इस कदम से इलेक्ट्रॉनिक बुक प्रदाता (ईबीपी) मंच की दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सेबी के परिपत्र के अनुसार, नए ढांचे के तहत, ईबीपी मंच का उपयोग अब 20 करोड़ रुपये या अधिक के निर्गम आकार की ऋण या बॉन्ड प्रतिभूतियों, गैर-परिवर्तनीय विमोच्य तरजीही शेयरों (एनसीआरपीएस) और म्युनिसिपल बॉन्ड के निजी नियोजन के लिए अनिवार्य होगा। अभी तक 50 करोड़ रुपये या इससे अधिक के निर्गम आकार वाली बॉन्ड प्रतिभूतियों के सभी निजी नियोजन के लिए यह तंत्र अनिवार्य था।

सेबी ने ईबीपी मंच पर उत्पादों का विस्तार करते हुए इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और रियल एस्टेट इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट को शामिल किया है। इससे पहले इसको लेकर कोई विशिष्ट नियामकीय प्रावधान नहीं था।

Advertisement
First Published - May 18, 2025 | 9:58 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement