बोफा सिक्योरिटीज ने निफ्टी का लक्ष्य अपने पिछले 16,000 के अनुमान से घटाकर अब 14,500 कर दिया है, जो मौजूदा स्तरों से करीब 6 प्रतिशत कम है। बोफा सिक्योरिटीज ने अनुमान जताया है कि सख्त मौद्रिक हालात, धीमी वृद्धि/अमेरिकी मंदी की आशंका, और संभावित निफ्टी ईपीएस में अल्पावधि में बाजार के लिए मुख्य चिंताएं होंगी। यहां पांच प्रमुख कारणों पर प्रकाश डाला जा रहा है जिनकी वजह से शोध एवं ब्रोकिंग फर्मों ने अपने निफ्टी लक्ष्य में कटौती की है।
1. मौद्रिक स्थिति
वैश्विक केंद्रीय बैंक तेजी से बढ़ रही मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के प्रयास में हैं और ब्याज दरों में इजाफा कर रहे हैं। बोफा सिक्योरिटीज का कहना है कि सख्त तरलता इक्विटी बाजारों के लिए नकारात्मक है।
बोफा सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने अमीश शाह के साथ मिलकर तैयार की गई रिपोर्ट में लिखा है, ‘चार क्षेत्रों के समूह यानी जी4 (अमेरिका, यूरोपीय क्षेत्र, ब्रिटेन और जापान) के केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट का वैश्विक इक्विटी के साथ 0.97 का सह-संबंध है। दिसंबर 2023 तक जी-4 देशों की बैलेंस शीट में करीब 3.2 लाख करोड़ डॉलर की गिरावट आने का अनुमान है, जिससे इक्विटी का प्रदर्शन कमजोर हो सकता है।’
2. धीमी वृद्धि/अमेरिकी मंदी का डर
कई अर्थशास्त्री अब यह अनुमान जता रहे हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी अर्थव्यवस्था बढ़ती मुद्रास्फीति नियंत्रण के प्रयास में मंदी की आशंका को बढ़ावा देगा। उदाहरण के लिए बोफा के अर्थशास्त्रियों ने कैलेंडर वर्ष 2022 के लिए अपने जीडीपी अनुमान को 100 आधार अंक तक घटाकर 3.2 प्रतिशत कर दिया है।
उन्हें अमेरिका में जीडीपी वृद्धि दर कैलेंडर वर्ष 2022 में घटकर 2.3 प्रतिशत रहने (पहले 4 प्रतिशत का अनुमान जताया गया था) और कैलेंडर वर्श 2023 में 1.4 प्रतिशत (पूर्व में 2.2 प्रतिशत) की संभावना है। वहीं 40 प्रतिशत मंदी की भी आशंका जताई गई है।
इन सभी वजहों के साथ बोफा सिक्योरिटीज इक्विटी बाजारों पर नकारात्मक है।
3. आय डाउनग्रेड
बढ़ती जिंस कीमतें अन्य चिंताजनक कारक हैं। बोफा ने फिर भी वित्त वर्ष 2023 और वित्त वर्ष 2023 के लिए निफ्टी आय में जनवरी से 4 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। वित्त वर्ष 2023/वित्त वर्ष 2024 में इसमें 24 प्रतिशत/15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
4. कच्चे तेल में तेजी
रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से कच्चे तेल में तेज और रूस पर प्रतिबंध लगने से भी बाजार धारणा प्रभावित हुई है। कच्चा तेल इस साल अब तक औसत तौर पर 104 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुका है और कैलेंडर वर्ष 2022 में इसमें और तेजी आने का अनुमान है।
बोफा सिक्योरिटीज का कहना है, ‘जहां वैश्विक तेल की मांग धीमी पड़ रही है, वहीं इसके बढ़कर 150 डॉलर प्रति डॉलर तक पहुंच जाने की आशंका बनी हुई है, क्योंकि यूरोपीय प्रतिबंधों से रूसी तेल उत्पादन प्रति दिन घटकर 90 लाख बैरल से कम हो गया है।’
5. मूल्यांकन
बोफा सिक्योरिटीज का मानना है किभले ही निफ्टी अब 17 गुना की एक वर्षीय आगामी ईपीएस (1 जनवरी को 21 गुना) या अपने 10 वर्षीय औसत के नजदीक कारोबार कर रहा है, लेकिन आय में कमी और धीमी वैश्विक वृद्धि की
वजह से इसमें और कमजोरी आ सकती है।
अमेरिका में मंदी की आहट गिरावट का मुख्य जोखिम है जिसे नकारात्मक कारक माना जा सकता है।