facebookmetapixel
Advertisement
कमोडिटी ट्रेडिंग में स्पीड का नया खेल! SEBI अगले साल ला सकता है कोलोकेशन नियमNSE IPO 17 सितंबर से खुलेगा, ₹1,785 तक भाव; GMP में कितना फायदा?महाराष्ट्र के विकास में अब विदेशों में बसे मराठी लोगों की होगी बड़ी भूमिका, एकनाथ शिंदे ने बनाई खास योजनाअगस्त में फिर बढ़ सकती है खुदरा महंगाई, 4.8% तक पहुंचने का अनुमान; चीनी, प्याज और खाद्य तेल ने बढ़ाई चिंतालोन प्रीपेमेंट से बच सकता है हजारों का ब्याज, लेकिन क्या क्रेडिट स्कोर पर पड़ेगा असर? एक्सपर्ट से समझेंएक्सप्लेनर: लोन चुकाने के बाद बैंक खो दे असली प्रॉपर्टी पेपर्स, तो तुरंत उठाएं ये कदम और पाएं हर्जानाKGB के सीक्रेट एजेंट से रूस के सबसे ताकतवर राष्ट्रपति तक, कैसे सत्ता के शिखर पर पहुंचे पुतिनएक्सप्लेनर: SEBI ने लॉन्च किया ‘डिमैट 2.0’, लेकिन इससे आम निवेशकों को क्या फायदा मिलेगा?तीन दिन में 1% टूटा रुपया, महंगा क्रूड, विदेशी निकासी ने बढ़ाया दबाव; आपकी जेब से बाजार तक कहां पड़ेगा असर?टेक कंपनियों में छंटनी की नई लहर, 2026 में 1.28 लाख से ज्यादा नौकरियां गईं; क्या AI है बड़ी वजह?

एफपीआई निवेशकों के लिए बड़ी राहत! SEBI सोमवार को लाएगा निपटान नियम में बड़ा बदलाव

Advertisement

सेबी की बोर्ड बैठक में एफपीआई निपटान नियमों में सुधार, बाजार मध्यस्थों के मानदंड और पारदर्शिता बढ़ाने वाले प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

Last Updated- March 22, 2026 | 5:31 PM IST
Sebi
Representative Image

देश के बाजार नियामक सेबी का बोर्ड सोमवार को बैठक के लिए एकत्र होगा, जिसमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के लिए निपटान नियमों में ढील और बाजार मध्यस्थों के लिए नियामक ढांचे में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक की तैयारियों और एजेंडा से परिचित लोगों ने यह जानकारी साझा की।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों में से एक यह है कि एफपीआई को समान दिन के नकद बाजार लेनदेन (कैश मार्केट ट्रेड्स) के लिए फंड्स का नेटिंग करने की अनुमति दी जाए। वर्तमान में लागू नियमों के तहत, एफपीआई को प्रत्येक इक्विटी कैश मार्केट लेनदेन का निपटान अलग-अलग करना पड़ता है। इसका मतलब यह है कि किसी भी खरीदारी को किसी बिक्री लेनदेन से स्वतंत्र रूप से पूरा करना होता है, चाहे लेनदेन उसी दिन क्यों न हुए हों।

सेबी ने अब इस व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव रखा है, जिसमें एफपीआई को “नेटिंग ऑफ फंड्स” की सुविधा मिलेगी। इसका अर्थ है कि एफपीआई अपनी बिक्री से प्राप्त धनराशि का उपयोग उसी दिन की खरीदारी की देनदारियों को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। इससे उन्हें केवल नेट देय राशि का भुगतान करना होगा।

सेबी की अगली बोर्ड बैठक में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) से जुड़े सुधारों के साथ ही बाजार के शासन और नियमों से संबंधित कई अहम प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। यह बैठक सेबी के अध्यक्ष Tuhin Kanta Pandey की अध्यक्षता में होगी, जो 1 मार्च 2025 से पद संभाल रहे हैं। यह उनके कार्यकाल की पांचवीं बोर्ड बैठक होगी।

सूत्रों के अनुसार, एफपीआई सुधारों का उद्देश्य मौजूदा ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम से जुड़े अतिरिक्त फंडिंग की जरूरत को कम करना है। वर्तमान प्रणाली में एफपीआई को लेन-देन के लिए कम से कम एक अतिरिक्त दिन के लिए अतिरिक्त फंड की आवश्यकता पड़ती है, जिससे लेन-देन की लागत बढ़ जाती है। यह प्रस्ताव इसी चिंता के मद्देनजर पेश किया जा रहा है।

बॉर्ड बैठक में बाजार मध्यस्थों के लिए “फिट एंड प्रॉपर पर्सन” मानदंडों में व्यापक सुधार पर भी विचार किया जाएगा। इसका मकसद प्रक्रियागत स्पष्टता और निष्पक्षता को बढ़ाना है। इसके तहत, सेबी यह प्रस्ताव कर रहा है कि केवल किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम विंडिंग-अप आदेश ही अयोग्यता तय करने में शामिल किया जाए, न कि सिर्फ़ विंडिंग-अप प्रक्रिया शुरू होने की सूचना।

इसके अलावा, नियमों में सुनवाई का अधिकार स्पष्ट रूप से शामिल करने पर भी विचार किया जाएगा। फिलहाल यह प्रथा मौजूद है कि संबंधित पक्ष को उचित सुनवाई का अवसर दिया जाता है, लेकिन इसे नियमों में स्पष्ट रूप से दर्ज करने का प्रस्ताव है, ताकि किसी भी तरह की प्रक्रियागत अस्पष्टता दूर हो।

बोर्ड बैठक में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) और इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) से जुड़े ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।

एक और महत्वपूर्ण एजेंडा है उच्चस्तरीय पैनल की रिपोर्ट पर विचार करना, जो सेबी के शीर्ष अधिकारियों के हितों के टकराव और पारदर्शिता को लेकर तैयार की गई है। पैनल की रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिक खुलासा और “ज़ीरो-टॉलरेंस” संस्कृति लागू की जाए, ताकि हितों के टकराव की स्थिति में कड़े नियम लागू किए जा सकें।

Advertisement
First Published - March 22, 2026 | 5:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement