अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) ने बताया कि नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जयप्रकाश एसोसिएट्स के लिए उसके समाधान योजना को मंजूरी दे दी है। यह कर्ज में डूबी कंपनी की दिवालिया प्रक्रिया में एक बड़ा कदम है।
अदाणी एंटरप्राइजेज ने मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद एक्सचेंज फाईलिंग में बताया कि यह मंजूरी 17 मार्च 2026 को मौखिक आदेश (oral pronouncement) के जरिए दी गई है। कंपनी ने कहा है कि लिखित आदेश आने के बाद पूरी जानकारी दी जाएगी।
बता दें कि अदाणी एंटरप्राइजेज को पहले ही सफल बोलीदाता चुना जा चुका था। उसकी योजना को नवंबर 2025 में कर्जदाताओं की समिति ने मंजूरी दे दी थी। कंपनी ने कहा कि इस योजना को अदाणी एंटरप्राइजेज खुद, उसकी समूह कंपनियां या विशेष उद्देश्य वाली इकाइयों के जरिए लागू किया जा सकता है।
दूसरी ओर, जयप्रकाश एसोसिएट्स ने कहा कि इस योजना में शेयरधारकों को कोई पैसा नहीं मिलेगा। कंपनी की संपत्ति का मूल्य इतना नहीं है कि कर्जदाताओं का पूरा पैसा चुकाया जा सके। इसलिए शेयरधारकों के लिए बाहर निकलने की कीमत शून्य रखी गई है।
जयप्रकाश एसोसिएट्स जयपी समूह की प्रमुख कंपनी है। कंपनी पर कुल 57,185 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसके प्रमुख कर्जदाताओं में नैशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी भी शामिल है। कंपनी को जून 2024 में दिवालिया प्रक्रिया में शामिल किया गया था। इस बीच, अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयर मंगलवार को बीएसई पर मामूली गिरावट के साथ 1,975 रुपये पर बंद हुए।
जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड, जिसे जेपी ग्रुप की प्रमुख कंपनी माना जाता है, सीमेंट, पावर, होटल, कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट जैसे बिजनेस में सक्रिय है। यह कंपनी भारी कर्ज के चलते इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 के तहत दिवालिया प्रक्रिया में शामिल की गई है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) इलाहाबाद बेंच ने 3 जून 2024 को इसे लेकर आदेश दिया था।