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ईरान: गैर-तेल आयात पर यूको बैंक की नजर

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Last Updated- December 15, 2022 | 7:53 AM IST

भारत अब ईरान से तेल आयात नहीं कर रहा है और ऐसे में यूको बैंक ईरान के साथ रुपये में भुगतान ढांचे को बरकरार रखने के लिए विकल्प की तलाश कर रहा है। यूको बैंक के एमडी एवं सीईओ एके गोयल के अनुसार, बैंक ने आयातकों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी कि इस भुगतान ढांचे का इस्तेमाल गैर-तेल वस्तुओं के आयात के लिए भी किया जा सकता है।
गोयल ने कहा, ‘पिछले कुछ महीनों के दौरान भुगतान खाते में कोई ताजा रकम नहीं आई है। हम इस ढांचे के तहत ताजे फल आदि अन्य जिंसों के आयात की संभावनाएं तलाश रहे हैं ताकि खाते में रकम जमा कराई जा सके। यहां हमारी भूमिका न केवल निपटान करने की बल्कि भारत और ईरान के बीच व्यापार सुविधा उपलब्ध कराने में भी होगी।’
ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध के मद्देनजर भारत डॉलर में ईरान के साथ व्यापार नहीं कर सकता है। इसलिए रुपये में भुगतान के लिए एक विशेष ढांचा तैयार किया गया है। इसके तहत भारत में मौजूद तेल रिफाइनरी ईरान से तेल आयात के लिए निर्धारित बैंक में रुपये में भुगतान करती हैं और उस रकम का इस्तेमाल भारत से ईरान के निर्यातकों के बकाये के भुगतान में किया जाता है। इस भुगतान ढांचे में मदद के लिए दो बैंकों- यूको बैंक और आईडीबीआई बैंक- को चुना गया है।
पिछले कुछ महीनों से भारत ने ईरान से तेल का आयात बंद कर दिया है। ऐसे में तेल कंपनियों ने भी इन निर्धारित बैंकों में रकम जमा करना बंद कर दिया है। कम लागत वाली थोक जमा होने के कारण यह बैंक के लिए काफी महत्त्वपूर्ण है।
हालांकि ईरान से तेल आयात भले ही बंद हो गया हो लेकिन वहां होने वाले निर्यात में कोई कमी नहीं आई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ईरान में भारत से होने वाला आयात 2018-19 में करीब 13 अरब डॉलर था जो अप्रैल से जनवरी 2019-20 में घटकर करीब 1.35 अरब डॉलर रह गया। इसके मुकाबले निर्यात में गिरावट काफी कम है। भारत से ईरान को होने वाला निर्यात 2018-19 में 3.5 अरब डॉलर था जो चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी के दौरान 2.80 अरब डॉलर रहा।
भारत से ईरान को निर्यात होने वाली वस्तुओं में चावल, चाय, चीनी और औषधीय उत्पाद शामिल हैं। इसमें चावल की हिस्सेदारी सबसे अधिक है।

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First Published - June 27, 2020 | 12:53 AM IST

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