संकट से जूझ रहे यात्रा और पर्यटन उद्योग ने सरकार को कुछ सुझाव भेजे हैं, जिससे इस क्षेत्र की स्थिति सुधर सके। फेडरेशन आफ एसोसिएशन इन इंडियन टूरिज्म ऐंड हॉस्पिटलिटी (एफएआईटीएच) ने वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में कमी किए जाने, कर लाभ और इस क्षेत्र के लिए समर्पित कोष के गठन का सुझाव दिया है।
उनके मुताबिक कोविड-19 महामारी के कारण पूरे यात्रा, पर्यटन व आतिथ्य क्षेत्र को ठप कर दिया, जिससे 15 लाख करोड़ रुपये के कारोबार व 4 करोड़ नौकरियों को जोखिम हो गया है। यात्रा प्रतिबंध कई क्षेत्रों में लागू हैं, और यात्री अभी यात्रा करने से बच रहे हैं। कारोबारियों व ग्राहकों पर बोझ कम करने के लिए संगठनों ने टूर ऑपरेटरों पर जीएसटी घटाकर 1.8 प्रतिशत किए जाने की मांग की है, जो अभी 5 प्रतिशत है। इसके अलावा 7,500 रुपये प्रतिदिन या इससे ज्यादा के होटल के कमरों पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करने की मांग की गई है।