मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज की रियल एस्टेट निजी इक्विटी इकाई मोतीलाल ओसवाल रियल एस्टेट (मोर) ने कहा है कि वह हाल में लॉन्च किए गए अपने पांचवें रियल एस्टेट फंड ‘इंडिया रियल्टी एक्सीलेंस फंड 5 (आईआरईएफ 5)’ के जरिये 800 करोड़ रुपये तक रकम जुटाने की योजना बना रही है।
यह हाल के वर्षों में किसी रियल एस्टेट केंद्रित फंड मैनेजर द्वारा सबसे जुटाई जाने वाली सबसे बड़ी रकम है।
इस फंड को एक वैकल्पिक निवेश फंड (एआईएफ श्रेणी 2) के तौर पर शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में पंजीकृत किया गया है। मोर को मार्च 2021 तक पहली बार बंद किए जाने की उम्मीद है और इसके जरिये अगले 6 से 9 महीनों में रकम जुटाने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
हालांकि पहले के तीन फंड शुरुआती चरण के निवेश पर केंद्रित थे लेकिन आईआरईएफ 5 मंजूरी हासिल कर चुकी परियोजनाओं में निर्माण क्षेत्र के वित्त पोषण पर केंद्रित है। यह फंड देश के शीर्ष सात शहरों (मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, पुणे, बेंगलूरु, चेन्नई, हैदराबाद और अहमदाबाद) में मध्यम आय/ सस्ती रिहायशी परियोजनाओं में निवेश की योजना बना रहा है। इसके अलावा चुनिंदा वाणिज्यिक परियोजनाओं में भी निवेश करने की योजना है।
मोर के निदेशक एवं सीईओ शरद मित्तल ने कहा कि आईआरईएफ 5 स्थापित डेवलपरों के साथ स्ट्रक्चर्ड डेट निवेश पर ध्यान केंद्रित करेगा और 12 से 15 लेनदेन करेगा जिसमें प्रत्येक लेनदेन 60 से 80 करोड़ रुपये का होगा।
मोर ने रियल एस्टेट क्षेत्र में अब तक चार रियल एस्टेट फंड और पीएमएस/एनसीडी निवेश के जरिये पूंजी निवेश किया है। फिलहाल मोर के तहत कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 3,700 करोड़ रुपये से अधिक है।
मोतीलाल ओसवाल प्राइवेट इक्विटी के एमडी एवं सीईओ विशाल तुलसियान ने कहा, ‘पिछले एक दशक के दौरान हमारा रियल एस्टेट निजी इक्विटी कारोबार बढ़ा है।’