दुग्ध शिखर सम्मेलन अगले सप्ताह

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:48 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 सितंबर से नोएडा में होने वाले अंतरराष्ट्रीय दुग्ध संघ के चार दिवसीय विश्व डेरी सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। शिखर सम्मलेन में गृह मंत्री अमित शाह, 3 राज्यों के मुख्यमंत्री, 50 देशों के 1,500 से अधिक प्रतिनिधि, करीब 800 किसान और विश्व की अग्रणी डेयरी कंपनियों के मुख्य कार्याधिकारी भी शिरकत करेंगे। 

भारत में 48 वर्षों के बाद यह शिखर सम्मेलन हो रहा है जब देश विश्व में सर्वाधिक दुग्ध उत्पादक है और मवेशियों की बड़ी आबादी ढेलेदार त्वचा रोग से पीड़ित है और इसमें हजारों जानवरों की मौत हो गई और अधिसंख्य इसकी चपेट में हैं। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान और गुजरात से शुरू हुई यह बीमारी अब देश के 12 राज्यों के 164 जिलों तक फैल गई है और इसकी चपेट में आकर अबतक 50,000 से अधिक मवेशियों की जान चली गई है, और अब इससे आने वाले सीजन में देश के दूध उत्पादन पर खतरा मंडरा रहा है। 

इस शिखर सम्मेलन से भारतीय कंपनियों को दुग्ध उत्पादन में विश्व की बड़ी कंपनियों से विशेषज्ञता दिलाने में भी मदद करेगा जिससे भारत के छोटे दुग्धधारकों को लाभान्वित करेगा। यह आयोजन 6,900 वर्ग मीटर क्षेत्र में होगा, जहां 24 सत्र ‘डेरी फॉर न्यूट्रिशन ऐंड लाइवलिहुड’ पर केंद्रित होंगे। जिसमें डेरी के विभिन्न बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा तीन समानांतर तकनीकी सत्र भी होंगे जिसमें 150 विदेशी और भारतीय वक्ता हिस्सा लेंगे। तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री करेंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई इस शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने आज कहा, ‘भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक है और वैश्विक उत्पादन में 23 फीसदी इसका हिस्सा है। विदेशी प्रतिनिधिमंडल अपने अनुभव साझा करेंगे और डेरी क्षेत्र की नवीन प्रौद्योगिकी पर भी बातचीत करेंगे। हम उन्हें अपने अनुभव बताएंगे।’

First Published : September 8, 2022 | 9:37 PM IST