भारतीय कारोबारी प्रतिभाओं ने लहराए परचम

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 6:35 PM IST

बॉटलिंग, रेस्तरां और फूड चेन श्रृंखलाओं के मालिक रवि जयपुरिया, पेप्सिको के एशिया में सबसे बड़े बॉटलर्स बन गए हैं।
उनकी और पेप्सीको इंडिया होल्डिंग्स में पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में मौजूद बॉटल प्लांट के लिए सहमति बन गई है। जयपुरिया के अंगोला,युगांडा, मोजाम्बिक, नेपाल जैसे देशों के अलावा राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर पूर्वी राज्यों और गोवा में बॉटलिंगं संयंत्र हैं।
जयपुरिया ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘सहमति बन चुकी है और अगले दो-तीन दिन में बची हुई औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। आने वाले वक्त में हमारे कुल कारोबार में 10 से 15 फीसदी हिस्सा इसी संयंत्र का होगा।’
दूसरी ओर, पेप्सीको इंडिया के प्रवक्ता का कहना है, ‘यह हमारी प्रस्तावित योजना है और फिलहाल मामला तेजी से आगे बढ़ रहा है। ‘ उनकी कंपनी, पेप्सिको इंडिया के 25 फीसदी बॉटलिंग का काम देखती है। अगर अगर पूरे जयपुरिया परिवार की बात करें तो यह आंकड़ा 50 फीसदी तक बैठता है क्योंकि उनके भाइयों के भी बॉटलिंग संयंत्र हैं।
जयपुरिया की होल्डिंग कंपनी आरजे कॉर्प का दायरा कई कारोबारों तक फैला हुआ है। इसमें रेस्तरां, आइसक्रीम, रियल एस्टेट, मदिरा, शिक्षा के अलावा और भी कई कारोबार हैं।
उनकी कंपनी देवयानी इंटरनेशनल, केएफसी, पिज्जा हट जैसे लोकप्रिय रेस्तरां के अलावा कोस्टा कॉफी जैसी प्रीमियम कॉफी चेन का संचालन करती है। जयपुरिया अपनी आइसक्रीम ब्रांड क्रीम बेल को यूनीलिवर समूह को बेचने पर भी विचार कर रहे हैं।
जयपुरिया जैसा अब एशिया में कोई नहीं
एशिया में सबसे बड़े बॉटलर्स बने जयपुरिया
पेप्सिको इंडिया का प. बंगाल संयंत्र को खरीदा
दो-तीन दिनों में हो जाएंगी औपचारिकताएं
दुनिया के नए निवेश गुरू जैन!
बर्कशायर हैथवे के प्रमुख और निवेश गुरू के तौर पर पहचाने जाने वाले वॉरेन बफेट ने संकेत दिए हैं कि वह अपने कारोबारी साम्राज्य की कमान एक भारतवंशी के हाथों में ही सौंपेंगे।
अगर उनसे मिले संकेतों को सही मानें तो अजीत जैन, वॉरेन बफेट की विरासत के उत्तराधिकारी होने जा रहे हैं। बफेट ने पिछले साल कुछ गलत जगहों पर निवेश करने के लिए खुद की आलोचना करते हुए पुनर्बीमा विभाग की कमान संभालने वाले अजीत जैन की तारीफों की झड़ी लगा दी।
आईआईटी दिल्ली से पढने वाले अजीत 1986 में इस कंपनी में शामिल हुए थे। बफेट अजीत से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने नई दिल्ली में उनके माता-पिता को एक पत्र लिखा कि क्या उनके पास अजीत जैसा एक और बेटा है?  (एजेंसी) 

First Published : March 2, 2009 | 12:21 PM IST