रेलवे की ढुलाई में सुधार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 9:16 AM IST

जून महीने में अब तक रेलवे से सीमेंट की ढुलाई में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इससे आर्थिक और निर्माण गतिविधियों के पटरी पर आने के संकेत मिलते हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आज यह जानकारी दी। साथ ही उवर्रक की ढुलाई में भी इतनी ही बढ़ोतरी हुई है।
अप्रैल और मई महीने में रेलवे की ढुलाई में 2019 की समान अवधि की तुलना में करीब 70 प्रतिशत गिरावट आई थी।  जून महीने में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 90 प्रतिशत रिकवरी हो चुकी है। इस साल 1 जून से 21 जून के बीच रेलवे ने 6.455 करोड़ टन माल ढुलाई की, जो पिछले साल की समान अवधि से सिर्फ 8 प्रतिशत कम है। महामारी के कारण माल की ढुलाई में अप्रैल मई 2020 के दौरान 5.795 करोड़ टन या  28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सोमवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेलवे बोर्ड के सदस्य (यातायात) पीएस मिश्र ने कहा, ‘अब तक जून महीने में सीमेंट की ढुलाई में पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उर्वरक में भी इतनी ही बढ़ोतरी हुई है। अन्य क्षेत्रों से भी सुधार के संकेत मिल रहे हैं, वहीं मॉनसून के बाद कोयले की ढुलाई में भी तेजी आने की संभावना है।’
अप्रैल से जून 2020 के दौरान माल ढुलाई 21.262 करोड़ टन रही, जो 2019-20 की समान अवधि की तुलना में 23 प्रतिशत कम है। मिश्र ने कहा कि लौह अयस्क को छोड़कर जून 2020 में सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। लॉकडाउन के दौरान रेलवे का ध्यान मुख्य रूप से आवश्यक जिंसों की ढुलाई पर था, जिनमें खाद्यान्न, बिजली क्षेत्र के लिए कोयला, पेट्रोलियम और पार्सल सेवाएं शामिल हैं। इस कवायदों के परिणामस्वरूप पिछले साल 1 अप्रैल से 21 जून के 79.4 लाख टन की की तुलना में इस साल 1 अप्रैल से 21 जून के बीच खाद्यान्न की ढुलाई 145.5 लाख टन रही, जो पिछले साल से 83 प्रतिशत ज्यादा है।
मिश्र ने कहा, ‘कोयले की ढुलाई कम है, क्योंकि ताप बिजली संयंत्रों के पास अब 28 दिन के लिए पर्याप्त कोयला है। हम उम्मीद करते हैं कि तीसरी तिमाही में कोयले की ढुलाई पिछले साल के स्तर पर पहुंच जाएगी और चौथी तिमाही में औद्योगिक गतिविधियां तेज होने के कारण ढुलाई में तेजी आएगी।’ रेलवे की कुल माल ढुलाई में कोयले की ढुलाई की मात्रा ज्यादा है, जिसकी ढुलाई पिछले साल की समान अवधि की तुलना मेें अप्रैल से 21 जून 2020 के बीच 30 प्रतिशत कम हुई है। मिश्र ने कहा, ‘हम कोयला, उर्वरक, स्टील, सीमेंट, कंटेनर व अन्य वस्तुओं से जुड़े उद्योगों से लगातार बात कर रहे हैं, जिससे सेवाओं में सुधार हो।’ लॉकडाउन के दौरान मालगाड़ी की रफ्तार 78 प्रतिशत बढ़कर 23 किलोमीटर प्रतिघंटे से 41 किलोमीटर प्रति घंटे हो गई है।

First Published : June 22, 2020 | 11:39 PM IST