भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा बुधवार को आभासी तौर पर आयोजित सालाना एफएमसीजी सम्मेलन में देश और दुनिया के कुछ चर्चित कार्याधिकारियों (सीईओ) ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने उपभोक्ताओं के व्यवहार और व्यवसाय प्रबंधन के तरीकों को प्रभावित किया है।
इस सम्मेलन में खास बात यह सामने आई कि सीईओ अपने कर्मियों को सुरक्षित बनाए रखने को इच्छुक है, भले ही दुनिया टीकाकरण के शुरुआती चरण में प्रवेश कर रही है। उन्होंने दक्षता और मुख्य आधार को जरूरत पडऩे पर अपनी नई वास्तविकताओं के तौर पर प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
रेकिट बेंकिजर (आरबी) के भारत में जन्मे वैश्विक सीईओ लक्ष्मण नरसिम्हन ने कहा कि कोमलता, लचीलापन, आशावाद और उद्देश्य ऐसी चार विशेषताएं थीं जिन पर डेटॉल और हार्पिक के निर्माता ने महामारी के दौरान जोर दिया था। डेटॉल ने स्वच्छता उत्पादों के लिए बढ़ती मांग की मदद से 2020 की पहली छमाही में भारतीय साबुन बाजार में यूनिलीवर के लाइफबॉय और लक्स जैसे प्रतिस्पर्धियों को मात दी।
डेटॉल ने लगातार भागीदारी बढ़ाई है, क्योंकि उपभोक्ता किसी स्वास्थ्य संकट में भरोसेमंद ब्रांड पर भरोसा करते हैं। लेकिन यह बढ़त काफी परिश्रम के बाद हासिल हुई है। नरसिम्हन ने कहा, ‘कोविड-19 ने हमारी परीक्षा ली है। हमने यह महसूस किया है कि देश में जो भी हो रहा था, वह बाहरी दुनिया के मुकाबले कम था और हमें जल्द से जल्द हालात अनुकूल बनाने की जरूरत है।’
ब्रिटिश उपभोक्ता वस्तु निर्माता ने अपने व्यवसाय करने के तरीके में भी बदलाव किया है, चाहे वह निर्माण हो या वितरण और बिक्री प्रक्रिया। कंपनी इस बदलाव के लिए विभिन्न बाजारों में अपनी स्थानीय टीमों पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, ‘यदि आप हमारे अस्तित्व के मकसद को पहचानते हैं, तो आप कार्य में मानवीय सादगी की सराहना करना सीखेंगे। साथ ही, कुछ खामियां भी हैं जिन्हें दूर किए जाने की जरूरत होगी।’
वित्त वर्ष 2021 की जून और सितंबर तिमाहियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाली ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक वरुण बेरी ने कहा कि कंपनी ने महामारी से पैदा हुई अनिश्चितता को गंभीरता से लिया है।
बेरी ने कहा, ‘हमने अपनी टीमों के साथ सहजता के साथ काम किया, हम संगठन में अपने लोगों के साथ कॉल के जरिये जुड़े रहे। हमने उन ब्रांडों को प्राथमिकता दी जिन्हेंपर हम संकट के दौरान फोकस करना चाहते थे। हमने सामान को फैक्टरी से गोदाम भेजने के बजाय सीधे तौर पर वितरकों को भेजने पर ध्यान केंद्रित किया।’
आईटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (पर्सनल केयर) समीर सत्पथी ने कहा कि कंपनी इस महामारी को ट्रेंड को जल्द समझने, तेजी से नए उत्पाद पेश करने और इनका दायरा बढ़ाने के अवसर के तौर पर देख रही है।
उन्होंने कहा, ‘आईटीसी का 30 प्रतिशत एफएमसीजी राजस्व मौजूदा समय में नई उत्पाद पेशकशों से आता है, जिनमें से कई उत्पादों को महामारी के दौरान पेश किया गया था। हम इसे लेकर स्पष्ट थे कि हम नवाचार की रफ्तार को बरकरार रखना चाहते हैं और यह सुनिश्चित किया कि हम डिजिटल से लेकर पारंपरिक व्यापार, सभी के जरिये उपभोक्ताओं तक पहुंचने के लिए सही माध्यमों का इस्तेमाल करें।’