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WTO से जुड़े विवाद को निपटाने के लिए बाली में होगी बातचीत, भारत की ओर से पीयूष गोयल लेंगे हिस्सा

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:27 PM IST

विश्व व्यापार संगठन (WTO) के विवाद समाधान सुधारों पर चर्चा के लिए 21 सितंबर को इंडोनेशिया के बाली में आयोजित जी20 देशों के व्यापार मंत्रियों की बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल शिरकत करेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि गोयल 21 सितंबर को जी20 की व्यापार, निवेश और उद्योग पर आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए बाली में मौजूद रहेंगे। इस दौरान वह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि की तरफ से बुलाई गई एक विमर्श बैठक में भी शामिल होंगे। 

अधिकारी ने कहा, ”अमेरिका की व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन तेई ने मंत्रिस्तरीय बैठक से अलग डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान तंत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक बुलाई है।” इस चर्चा के दौरान विवाद निपटान व्यवस्था के सुचारू रूप से काम करने को लेकर जी-20 देशों की तरफ से मांग उठाए जाने की उम्मीद है। इस संबंध में अमेरिका के रुख को लेकर कई देशों में नाखुशी देखी जा रही है। जिनेवा स्थित डब्ल्यूटीओ 164 सदस्यीय बहु-पक्षीय निकाय है जो वैश्विक निर्यात और आयात संबंधी मानदंडों को तय करता है। इसके अलावा डब्ल्यूटीओ सदस्य देशों के बीच व्यापार विवादों की स्थिति में भी निर्णय देता है। 

डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज होने के बाद विवाद को निपटाने के दो मुख्य तरीके हैं। पहला तरीका यह है कि संबंधित देश परस्पर सहमति के आधार पर समाधान ढूंढते हैं, खासकर द्विपक्षीय परामर्श के दौरान। लेकिन इस प्रक्रिया में समिति के निर्णय से किसी पक्ष के संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में वह उसे अपीलीय निकाय में चुनौती देता है। अपीलीय निकाय विवादों के निपटारे के लिए डब्ल्यूटीओ की सर्वोच्च संस्था है। लेकिन अमेरिका की तरफ से अपीलीय निकाय (एबी) में सदस्यों की नियुक्तियां रोक दिए जाने के बाद डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान तंत्र के कामकाज में बाधा पैदा हुई। इसके बाद अपीलीय निकाय ने 10 दिसंबर, 2019 से काम करना ही बंद कर दिया है। अपीलीय निकाय के निष्क्रिय होने के बाद दिसंबर 2019 से अब तक 24 अपीलें दायर की जा चुकी हैं। इनमें से चार अपीलें भारत ने दायर की हैं। 

अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका विवाद निपटान तंत्र की द्वि-स्तरीय प्रणाली को कमजोर करना चाहता है और उसका इरादा अपीलीय निकाय को बहाल करने का नहीं है।

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First Published - September 18, 2022 | 4:59 PM IST

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