facebookmetapixel
Advertisement
FPIs ने शेयर बाजार में लगाए ₹16,621 करोड़, टेलीकॉम-रियल्टी से खींचा पैसा, कंजम्पशन पर बढ़ाया दांवIPO: लुमिनो ने ₹78-82 तय किया प्राइस बैंड, ₹700 करोड़ जुटाने का प्लान; एटमबर्ग भी बाजार में उतरने को तैयारफेस्टिव सीजन से पहले चीनी ने बढ़ाई टेंशन! रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचा भाव, कीमतों में तेजी क्यों?IPO की डेडलाइन पर अनिश्चितता के बीच Flipkart में बढ़ी हलचल, कई आला अफसर बाहरमिरे असेट म्युचुअल फंड ने बदले 6 स्कीमों के नाम, 26 अगस्त से होंगे लागूPost Office की इस स्कीम में 115 महीने में डबल होगी रकम, ₹1,000 से कर सकते हैं निवेशस्मॉल कैप फंड्स 6 महीने में 165% उछला निवेश, क्यों लगातार पैसा झोंक रहे हैं निवेशक?टाटा गोल्ड ईटीएफ में बड़े निवेशकों के लिए फिर शुरू हुआ सब्सक्रिप्शन, 1 साल में दिया 57% रिटर्न24 अगस्त से खुलेगा ₹582 करोड़ का ये IPO, 40 साल पुरानी कंपनी पर जताएं भरोसा? जानें एक्सपर्ट की रायDelhi Master Plan 2047: रात में भी नहीं थमेगी दिल्ली की रफ्तार! जानिए क्या है ‘24-Hour City’ का पूरा प्लान

H-1B visa धारकों के जीवनसाथी अमेरिका में कर सकते हैं नौकरी : यूएस कोर्ट का आदेश

Advertisement
Last Updated- March 30, 2023 | 10:20 AM IST
H1 b visa

अमेरिकी प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक न्यायाधीश ने फैसला सुनाया है कि एच-1बी वीजा धारकों के जीवनसाथी अमेरिका में काम कर सकते हैं।

अमेरिका की जिला न्यायाधीश तान्या चटकन ने ‘सेव जॉब्स यूएसए’ द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के विनियम को खारिज करने का अनुरोध किया गया था।

इस विनियम के तहत एच-1बी वीजा धारकों की कुछ श्रेणियों के जीवनसाथियों को रोजगार प्राधिकरण कार्ड दिया जाता है। अमेजन, एपल, गगूल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने मुकदमे का विरोध किया था।

इस विनियम के तहत अमेरिका ने अब तक लगभग 1,00,000 एच-1बी कर्मचारियों के जीवनसाथियों को काम का अधिकार दिया है, जिनमें काफी बड़ी संख्या में भारतीय हैं। न्यायाधीश तान्या चटकन ने अपने आदेश में कहा कि ‘सेव जॉब्स यूएसए’ का पहला तर्क यह है कि कांग्रेस ने डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी को कभी एच-4 वीजा धारकों जैसे विदेशी नागरिकों को अमेरिका में रहने के दौरान काम करने की अनुमति नहीं दी है।

न्यायाधीश ने कहा कि कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से और सोच-समझकर अमेरिका सरकार को अधिकार दिया है कि वह अमेरिका में एच-4 जीवनसाथी के रहने की अनुमेय शर्त के रूप में रोजगार को अधिकृत करे। भारतीय-अमेरिकी समुदाय के एक प्रमुख नेता एवं आयोग के सदस्य अजय जैन भुटोरिया ने न्यायाधीश के फैसले का स्वागत किया है। एच-1बी वीजा के जरिए अमेरिकी कंपनियां खासकर प्रौद्यगिकी क्षेत्र में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करती हैं।

Advertisement
First Published - March 30, 2023 | 10:20 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement