प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने ईद और नौरोज की बधाई दी और पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर चिंता जताई। मोदी ने कहा कि इस त्योहारी मौसम में क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि आए, यही उम्मीद है।
इस बातचीत में PM मोदी ने हाल में क्षेत्र में महत्वपूर्ण ढांचों पर हुए हमलों की निंदा की थी। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक सप्लाई चेन को बाधित करते हैं। प्रधानमंत्री ने समुद्री सुरक्षा बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने स्वतंत्र नेविगेशन की सुरक्षा और शिपिंग लेन को खुला व सुरक्षित रखने की बात दोहराई। साथ ही, ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए ईरान की तरफ से मिले सहयोग की सराहना की।
इस बीच, इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है। अभी तक कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा। शनिवार सुबह अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर संवर्धन केंद्र पर हमला किया। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि साइट को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई रेडियोएक्टिव रिसाव नहीं हुआ।
ईरान ने जवाब में हिंद महासागर में डिएगो गार्सिया पर स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह हमला ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर हुए, जिससे संघर्ष का दायरा और फैल गया।
इजरायली सेना ने बेरूत में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले बढ़ा दिए हैं। शहर के दक्षिणी इलाकों के सात मोहल्लों के लिए निकासी नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि, इन घटनाओं के बीच ईरान में लाखों लोग ईद अल-फित्र और नौरोज मना रहे हैं, जबकि सैन्य गतिविधियां जारी हैं। अमेरिका ने संघर्ष को कम करने के लिए कदम उठाने पर विचार करने की बात कही है, लेकिन औपचारिक युद्धविराम की कोई योजना नहीं बताई गई है।