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ईरान ने ठुकराया संघर्ष विराम का प्रस्ताव, कहा: सिर्फ युद्ध विराम नहीं, चाहिए हमलों के खात्मे की गारंटी

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ईरान ने अमेरिका और इजरायल के दबाव के बीच संघर्ष विराम प्रस्ताव ठुकरा दिया है, जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार तक समझौता न होने पर भीषण बमबारी की धमकी दी है

Last Updated- April 06, 2026 | 10:26 PM IST
Donald Trump
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो

ईरान और अमेरिका के बीच हालात ने और नाजुक मोड़ ले लिया है। संघर्ष विराम के लिए चल रहे प्रयासों के बीच ईरान ने सोमवार को नवीनतम युद्ध विराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान ने कहा है कि संघर्ष विराम के बजाय युद्ध स्थायी रूप से समाप्त होना चाहिए। राष्ट्रपति ट्रंप कह चुके हैं कि मंगलवार तक ईरान के साथ कोई करार नहीं हुआ तो उस पर भीषण बमबारी की जाएगी।

काहिरा में ईरानी राजनयिक मिशन के प्रमुख मोजतबा फरदौसी पोर ने कहा,‘हम केवल युद्ध विराम स्वीकार नहीं करेंगे। हम केवल इस गारंटी के साथ युद्ध की समाप्ति स्वीकार करेंगे कि हम पर फिर से हमला नहीं किया जाएगा।’ ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि तेहरान ने प्रमुख मध्यस्थ पाकिस्तान के माध्यम से अपना संदेश दे दिया है।

फरदौसी पोर ने कहा कि ईरानी और ओमानी अधिकारी इस महत्त्वपूर्व परिवहन मार्ग के प्रशासन के लिए एक तंत्र विकसित करने पर काम कर रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की पकड़ के कारण तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और विश्व अर्थव्यवस्था हिल गई है। ईरान का यह बयान तब आया जब जब इजरायल ने विशाल दक्षिण पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला किया और अर्द्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड के दो कमांडरों को मार गिराया।

इजरायल ने कहा कि गैस क्षेत्र पर हमले का उद्देश्य ईरान के राजस्व के एक प्रमुख स्रोत को समाप्त करना था। यह क्षेत्र बिजली उत्पादन के लिए महत्त्वपूर्ण है मगर लेकिन यह हमला ट्रंप की धमकियों से अलग दिखाई दे रहा है। कतर के साथ साझा किया गया यह गैस क्षेत्र दुनिया का सबसे बड़ा गैस क्षेत्र है।

ट्रंप की ईरान को धमकी

अमेरिका और ईरान सोमवार को  पिछले एक महीने से भी अधिक समय से चले आ रहे युद्ध को रोकने का रास्ता तलाशने में जुटे हैं। ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट शीघ्र खोलने के दबाव के सख्त खिलाफ है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अगर उसने मंगलवार तक कोई समझौता नहीं किया तो उसे पर भीषण हमले होंगे पूरा देश ‘नर्क’ बन जाएगा।

दोनों देशों के बीच शांति बहाली को लेकर चल रहे प्रयासों से वाकिफ एक सूत्र ने सोमवार को बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से बनी यह योजना गहन रात भर चली माथापच्ची के बाद सामने आई और इसमें तत्काल युद्ध विराम का प्रस्ताव है। इस योजना के तहत युद्ध विराम के बाद 15 से 20 दिनों के भीतर एक व्यापक शांति समझौते पर बातचीत की जाएगी।

सूत्र ने बताया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के साथ ‘पूरी रात’ संपर्क में थे। ईरान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि तेहरान ने अपने हितों पर आधारित रुख और मांगें तैयार कर ली हैं और युद्ध विराम प्रस्तावों के जवाब में मध्यस्थों के जरिये उन्हें भेज दिया दिया है। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि जवाब का विवरण उचित समय पर घोषित किया जाएगा मगर उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी बातचीत ‘धमकी और अनर्गल दबाव के साथ नहीं हो सकती।’

बगाई ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘ईरान अपनी वैध मांगों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में संकोच नहीं करता है मगर इसे उसकी कमजोरी नहीं समझी जानी चाहिए बल्कि यह अपने हितों की रक्षा करने में उसके आत्मविश्वास को परिलक्षित करता है।’

फार्स न्यूज एजेंसी ने रविवार को बताया कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में तेहरान स्थित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के डेटा सेंटर को निशाना बनाया गया। इस हमले में देश के राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्लेटफॉर्म और हजारों अन्य सेवाओं को आधार प्रदान करने वाले बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

इजरायल ने दी बुनियादी ढांचा तबाह करने की धमकी

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने सोमवार को जारी एक बयान में ईरान के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और उसके नेताओं को ‘एक-एक करके’ ढूंढ निकालने की धमकी दी। इजरायल ने सोमवार को कहा कि उसने ईरान के असलूयेह स्थित ‘साउथ पार्स’ पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया था। फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि सुविधा केंद्र में कई धमाकों की आवाज सुनी गई थी।

तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई क्योंकि इसे बिजली, पानी और ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली दो कंपनियों पर हमला किया गया था।

मार्च के मध्य में कतर के साथ ईरान के साझा दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर इजरायल के हमले ने युद्ध में भारी वृद्धि को जन्म दिया जिसके बाद ईरान ने मध्य पूर्व में ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने सोमवार को ईरान के बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास सैन्य हमलों की पुष्टि की मगर कहा कि संयंत्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

ट्रंप ने ईरान को बार-बार चेतावनी दी है कि कोई संधि नहीं होने पर अमेरिकी हमले और तेज हो जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हमले युद्ध अपराध हो सकते हैं मगर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के पास इस मामले में अधिकार क्षेत्र नहीं है क्योंकि इसमें शामिल देश न्यायालय के सदस्य नहीं हैं।

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First Published - April 6, 2026 | 10:26 PM IST

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