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आर्थिक सहयोग देने में विफल रहे विकसित देश : यादव

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Last Updated- December 11, 2022 | 11:49 PM IST

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने ग्लासगो में 26वें अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलन सीओपी26 में कहा कि विकसित राष्ट्र 2009 से विकासशील देशों को प्रति वर्ष 100 अरब अमेरिकी डॉलर के सहयोग के लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहने के बावजूद अब भी इसे 2025 तक का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य बता रहे हैं।
वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आज वैश्विक जलवायु शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि दुनिया विनाश के कगार पर खड़ी है। जॉनसन ने गर्म होती धरती की स्थिति की तुलना काल्पनिक किरदार जेम्स बांड से की जिस पर एक ऐसा बम लिपटा हुआ है जो दुनिया का विनाश कर सकता है तथा बांड उसे निष्क्रिय करने का प्रयास कर रहा है। जॉनसन ने सोमवार को वैश्विक नेताओं के सामने कहा कि हम लगभग वैसी ही स्थिति में हैं और दुनिया को समाप्त कर देने वाला बम काल्पनिक नहीं, वास्तविक है।
भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे यादव ने ब्रिटेन के ग्लासगो में रविवार को शुरू हुए जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के यूनाइटेड नेशंस फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) सीओपी26 के उद्घाटन सत्र में अपने बेसिक भाषण के दौरान आर्थिक सहयोग न देने की बात कही। बेसिक देश 4 बड़े नए औद्योगीकृत देशों ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत और चीन का एक समूह है, जिसका गठन नवंबर 2009 में एक समझौते के तहत किया गया था। मंत्री ने ट्वीट किया, ‘सीओपी26 के उद्घाटन सत्र में अपने बयान में रेखांकित किया कि विकसित राष्ट्र 2009 के बाद से विकासशील देशों को सहयोग के लिए प्रति वर्ष 100 अरब अमेरिकी डॉलर देने के लक्ष्य को पूरा करने में विफल रहने के बावजूद इसे अपना 2025 तक का महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य बता रहे हैं। 

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First Published - November 1, 2021 | 11:33 PM IST

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