facebookmetapixel
Advertisement
CBSE ने छात्रों को दी बड़ी राहत: अब सिर्फ ₹100 में होगा रीचेकिंग, अंक बढ़ने पर फीस होगी वापसPM मोदी की नीदरलैंड यात्रा में हुए 17 ऐतिहासिक समझौते, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर हुआ सौदाहोर्मुज संकट पर संयुक्त राष्ट्र में भारत ने रखा अपना पक्ष, कहा: जहाजों पर हमला पूरी तरह अस्वीकार्यइबोला के दुर्लभ वायरस ने बढ़ाई पूरी दुनिया की चिंता, WHO ने घोषित किया वैश्विक स्वास्थ्य आपातकालSukhoi Su 57 बन सकता है वायु सेना का ब्रह्मास्त्र! स्क्वाड्रन की भारी कमी के बीच IAF के पास एकमात्र विकल्पवीडियोकॉन समूह को लेकर NCLAT का बड़ा फैसला: दोनों कंपनियों की दिवाला प्रक्रिया अब चलेगी अलग-अलगअंबुजा सीमेंट के विस्तार में देरी पर करण अदाणी ने माना: समूह की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं परियोजनाएंम्यूचुअल फंड में फिर लौटा निवेशकों का भरोसा, कमोडिटी ETF को पछाड़ आगे निकले ऐक्टिव इक्विटी फंडडिजिटल लेनदेन पर अब मिलेगा ‘रिस्क स्कोर’, साइबर ठगी और ‘म्यूल अकाउंट’ पर नकेल कसने की तैयारीरुपये पर दबाव जरूर मगर अभी 100 पार नहीं! जानकारों का दावा: अभी इसकी संभावना न के बराबर

ब्लिंकन ने की चीन के शीर्ष राजनयिक के साथ बैठक,शी से भी मुलाकात की संभावना

Advertisement

बैठक में दोनों पक्ष उच्च स्तरीय बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए

Last Updated- June 19, 2023 | 11:14 AM IST
Blinken

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने चीन की अपनी यात्रा के दूसरे व अंतिम दिन की शुरुआत एक शीर्ष राजनयिक से साथ बैठक से की और दिन में उनकी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ मुलाकात करने की संभावना है।

ब्लिंकन चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी के साथ बैठक कर रहे हैं और स्वदेश लौटने से पहले वह राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ मुलाकात कर सकते हैं। ब्लिंकन और वांग दोनों ने एक दूसरे का अभिवादन किया और बातचीत के लिए बैठे ,लेकिन उन्होंने पत्रकारों से कोई बात नहीं की।

बढ़ते द्विपक्षीय तनाव को कम करने के मिशन पर बीजिंग पहुंचे ब्लिंकन ने रविवार को करीब छह घंटे तक चीन के अपने समकक्ष छिन कांग के साथ व्यापक बातचीत की थी। बैठक में दोनों पक्ष उच्च स्तरीय बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए। हालांकि ऐसे कोई संकेत नहीं मिले कि दोनों देशों के बीच जिन मुद्दों को लेकर विवाद है उनके समाधान की दिशा में कोई प्रगति हुई है।

दोनों पक्षों ने कहा कि छिन ने ब्लिंकन के वाशिंगटन आने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। चीन ने साथ ही स्पष्ट किया कि ‘‘चीन-अमेरिका के बीच संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं।’’ अमेरिकी अधिकारी भी कई बार ये बात कह चुके हैं। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ब्लिंकन ने ‘‘ गलत धारणा बनने और स्थिति को गलत आंकने के खतरे को कम करने के लिए कूटनीति के महत्व और मुद्दों पर बातचीत के रास्ते खुले रखने पर जोर दिया ।’’

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के पदभार ग्रहण करने के बाद से ब्लिंकन चीन की यात्रा करने वाले सर्वोच्च स्तर के पहले अमेरिकी अधिकारी हैं। वह पिछले पांच वर्षों में बीजिंग की यात्रा करने वाले पहले अमेरिकी विदेश मंत्री हैं। चीन की राजधानी में ब्लिंकन की उपस्थिति के बावजूद दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मौजूद जटिल मुद्दों पर कोई भी महत्वपूर्ण सफलता मिलने की उम्मीद कम ही है।

दोनों देशों के बीच असहमति और संभावित टकराव के बिंदुओं की फेहरिस्त लंबी है जिसमें ताइवान के साथ व्यापार, चीन तथा हांगकांग में मानवाधिकार की स्थिति से लेकर दक्षिण चीन सागर में चीन की सैन्य मौजूदगी और यूक्रेन-रूस युद्ध जैसे मुद्दे शामिल हैं। वैश्‍विक सुरक्षा और स्‍थायित्‍व पर प्रभाव डालने वाले कई मुद्दों पर असहमति को लेकर दोनों देशों के बीच शत्रुता और आरोप-प्रत्यारोप तेजी से बढ़े हैं।

बाइडन और शी पिछले साल बाली में एक बैठक में ब्लिंकन के दौरे पर सहमत हुए थे। हालांकि, अमेरिका के हवाई क्षेत्र में चीन का कथित जासूसी गुब्बारा नजर आने के बाद फरवरी में ब्लिंकन ने अपनी चीन की यात्रा रद्द कर दी थी।

Advertisement
First Published - June 19, 2023 | 11:08 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement