facebookmetapixel
Advertisement
देश के 8 करोड़ छोटे कारोबारों पर बड़ी स्टडी, सामने आई कमाई बढ़ाने की चाबीCredit Card Alert: एक छोटी चूक और बंद हो सकता है आपका कार्ड, जानिए कैसे बचेंGold, Silver Price Today: सोने का वायदा भाव ₹1.59 लाख के पार, चांदी तेज शुरुआत के बाद फिसलीNMDC का मेगा प्लान! 3 साल में 50,000 करोड़ का निवेश, कोयला और विदेशी खनिजों पर बड़ा दांवरिलायंस, IOC, BPCL सब फिसले… इस अदाणी कंपनी ने कैसे मारी बाजी?बंगाल में TMC में बड़ी बगावत! 58 विधायकों ने बदला खेमा, ममता की सियासत पर मंडराया संकटविदेशी निवेशकों को बड़ी राहत देने की तैयारी, सरकारी बॉन्ड पर टैक्स खत्म कर सकती है सरकारStock Market Update: लाल निशान में खुला बाजार! सेंसेक्स 200 अंक टूटा, निफ्टी 23,300 के करीब पहुंचाCBSE Result Controversy: 44 हजार छात्रों ने खटखटाया बोर्ड का दरवाजा, आखिर क्यों बढ़ रही पुनर्मूल्यांकन की मांग?पुराने ट्रक-बस वालों के लिए सरकार का बड़ा तोहफा

ISRO ने की स्कूली बच्चों के लिए युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम-2024 की घोषणा

Advertisement

दो सप्ताह के इस आवासीय कार्यक्रम के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 मार्च है। इसमें कहा गया है कि इसरो ने युवा छात्रों को आकर्षित करने के लिए इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है।

Last Updated- February 15, 2024 | 4:30 PM IST
ISRO
Representative Image

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गुरुवार को घोषणा की है कि स्कूली बच्चों के लिए उसके 2024 के ‘युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम’ की पंजीकरण प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू होगी। इसरो के इस कार्यक्रम को ‘युवा विज्ञान कार्यक्रम’ (युविका) कहा जाता है जिसका उद्देश्य युवा छात्रों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों में बुनियादी ज्ञान और उभरते अवसर प्रदान करना है।

अंतरिक्ष एजेंसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”युवा विज्ञान कार्यक्रम (युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम) – 2024 की घोषणा कर दी गई है। इसके लिए (केवल एक जनवरी, 2024 तक के) नौवीं कक्षा के भारतीय विधार्थी आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण 20 फरवरी, 2024 से शुरू होगा।”

दो सप्ताह के इस आवासीय कार्यक्रम के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 मार्च है। इसमें कहा गया है कि इसरो ने युवा छात्रों को आकर्षित करने के लिए इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है। कार्यक्रम से छात्रों के विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियंत्रिकी और गणित (एसटीईएम) आधारित अनुसंधान और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित होने की भी उम्मीद है।

Advertisement
First Published - February 15, 2024 | 4:30 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement